सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कई माता-पिता को चिंता रहती है कि बच्चे को दिया जा रहा फॉर्मूला मिल्क उसके पेट के लिए सही है या नहीं। कुछ बच्चों में दूध पीने के बाद थोड़ी गैस, डकार या हल्का दूध उगलना सामान्य हो सकता है। लेकिन बार-बार होने वाले पाचन संबंधी लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है। अगर बच्चे को फॉर्मूला मिल्क के बाद लगातार उल्टी, दस्त, कब्ज, पेट में दर्द, अत्यधिक गैस या पेट फूलना जैसी समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। बच्चे का दूध पीने से मना करना, दूध पीते समय बहुत परेशान होना या वजन ठीक से न बढ़ना भी चिंता के संकेत हो सकते हैं।

कुछ बच्चों में गाय के दूध के प्रोटीन से एलर्जी हो सकती है। इसके संकेतों में त्वचा पर लाल चकत्ते या एक्जिमा बढ़ना, उल्टी, दस्त तथा मल में खून या बलगम दिखाई देना शामिल हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिना डॉक्टर की सलाह के फॉर्मूला बदलना या विशेष फॉर्मूला शुरू करना उचित नहीं है यह भी देखें कि बच्चा पर्याप्त मात्रा में दूध पी रहा है, उसका वजन उम्र के अनुसार बढ़ रहा है और पर्याप्त गीले डायपर हो रहे हैं। फॉर्मूला बनाते समय पैकेट पर दिए गए पानी और पाउडर के अनुपात का ही इस्तेमाल करें। ज्यादा पाउडर डालने से कब्ज और पानी की कमी का खतरा हो सकता है। अगर बच्चे को सांस लेने में परेशानी, चेहरे या होंठों में सूजन, बार-बार तेज उल्टी, हरे रंग की उल्टी, मल में खून या डिहाइड्रेशन के संकेत दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लें।


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