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9 साल की बच्ची को भी हो सकता है हार्ट अटैक, डॉक्टरों ने बताई वजह

सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ / एजेंसियां, भोपाल:

दिल्ली के मयूर विहार स्थित एक स्कूल में 9 साल की बच्ची की अचानक मौत ने कम उम्र में दिल से जुड़ी बीमारियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची बुधवार सुबह क्लासरूम में अचानक गिर पड़ी। स्कूल स्टाफ उसे अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जानकारी में मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई गई है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही वास्तविक कारण की पुष्टि होगी।

क्या बच्चों को भी आ सकता है हार्ट अटैक?

मेदांता मूलचंद अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. तरुण कुमार के अनुसार, बच्चों में सामान्य हार्ट अटैक बेहद दुर्लभ होता है। इस उम्र में अचानक मौत की वजह कार्डियोमायोपैथी या दिल की धड़कनों में गड़बड़ी यानी अरिदमिया हो सकती है। कार्डियोमायोपैथी में हृदय की मांसपेशियां असामान्य रूप से मोटी, कमजोर या सख्त हो जाती हैं, जिससे दिल की रक्त पंप करने की क्षमता प्रभावित होती है।

इसके अलावा जन्मजात हृदय रोग, दिल की मांसपेशियों में संक्रमण या सूजन भी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। कुछ मामलों में दिल की धड़कन अचानक अनियमित होने से कार्डियक अरेस्ट हो सकता है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

डॉक्टरों के मुताबिक, खेलते या दौड़ते समय चक्कर आना, अचानक बेहोश होना, सीने में दर्द और बिना वजह सांस फूलना बच्चों में संभावित हृदय समस्या के चेतावनी संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।

हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट अलग-अलग स्थितियां हैं। हार्ट अटैक में हृदय की मांसपेशियों तक रक्त पहुंचने में रुकावट आती है, जबकि कार्डियक अरेस्ट में दिल अचानक प्रभावी ढंग से धड़कना बंद कर देता है। ऐसी आपात स्थिति में तत्काल सीपीआर और चिकित्सा सहायता जीवन बचाने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

दिल्ली की घटना में पुलिस जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।


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