सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ भोपाल: सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ / एजेंसियां, भोपाल: खाना खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा महसूस होना, थोड़ी-सी मात्रा खाने पर ही पेट भर जाना या बार-बार मतली और उल्टी होना केवल सामान्य अपच नहीं हो सकता। ये लक्षण गैस्ट्रोपेरेसिस नामक पाचन संबंधी समस्या के संकेत भी हो सकते हैं। इस स्थिति में पेट की मांसपेशियां भोजन को छोटी आंत तक पहुंचाने का काम सामान्य गति से नहीं कर पातीं। नतीजतन खाना पेट में अपेक्षाकृत अधिक समय तक रुका रहता है। इसे डिलेड गैस्ट्रिक एम्प्टिंग भी कहा जाता है।
इसके प्रमुख लक्षणों में पेट फूलना, ऊपरी पेट में दर्द, सीने में जलन, डकार, भूख कम लगना और भोजन के बाद लंबे समय तक भारीपन शामिल हैं। मधुमेह इस समस्या का एक प्रमुख ज्ञात कारण है। इसके अलावा कुछ दवाएं, पेट की सर्जरी और तंत्रिका संबंधी समस्याएं भी पेट की गति को प्रभावित कर सकती हैं। कई मामलों में इसका स्पष्ट कारण पता नहीं चलता।
डॉक्टर मरीज के लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर जांच करते हैं। जरूरत पड़ने पर एंडोस्कोपी और गैस्ट्रिक एम्प्टिंग टेस्ट से पेट में भोजन के खाली होने की गति मापी जाती है। इलाज में खानपान में बदलाव, ब्लड शुगर नियंत्रण और जरूरत के अनुसार दवाएं शामिल हो सकती हैं। लक्षणों को नियंत्रित रखने के 10 उपयोगी सुझाव: दिन में पांच-छह बार थोड़ा-थोड़ा खाएं, कम वसा वाला भोजन लें, अधिक रेशेदार खाद्य पदार्थों से बचें, भोजन अच्छी तरह चबाएं, नरम और अच्छी तरह पका खाना खाएं, पर्याप्त पानी पिएं, कार्बोनेटेड पेय और शराब से परहेज करें, खाने के बाद हल्की सैर करें, भोजन के तुरंत बाद न लेटें और मधुमेह होने पर ब्लड शुगर नियंत्रित रखें। लगातार उल्टी, तेज पेट दर्द, बिना वजह वजन कम होने या डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करें। इन सुझावों को इलाज का विकल्प न समझें; खानपान में बदलाव भी चिकित्सकीय सलाह के अनुसार करें।
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