सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ भोपाल: नशा शरीर में पहुंचते ही दिमाग पर करता है असर, धीरे-धीरे बिगड़ती है सेहत

नशे की लत केवल व्यक्ति की आदतों को ही नहीं, बल्कि उसके मस्तिष्क, हृदय, फेफड़ों, लिवर और पूरे शरीर की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकती है। शराब, तंबाकू, गांजा, ओपिओइड और अन्य नशीले पदार्थ शरीर में प्रवेश करने के बाद अलग-अलग तरीके से काम करते हैं। हालांकि, इनका एक प्रमुख प्रभाव मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र पर पड़ता है, जहां ये संदेशों के आदान-प्रदान और मस्तिष्क के रसायनों के संतुलन को प्रभावित करते हैं।

शरीर में पहुंचने के बाद क्या होता है पहला काम? नशे का पदार्थ शरीर में पहुंचने के बाद उसके प्रकार और सेवन के तरीके के अनुसार रक्त में अवशोषित होता है। इसके बाद रक्त के माध्यम से शरीर के अलग-अलग अंगों तक पहुंचता है। कई नशीले पदार्थ मस्तिष्क तक पहुंचकर डोपामिन जैसे रसायनों की गतिविधि बदल देते हैं। डोपामिन का संबंध खुशी, प्रेरणा और इनाम महसूस करने की प्रक्रिया से है। इसके कारण व्यक्ति को अस्थायी आनंद या उत्साह महसूस हो सकता है। बार-बार सेवन करने पर मस्तिष्क की प्राकृतिक इनाम प्रणाली प्रभावित होने लगती है और निर्भरता विकसित हो सकती है।

दिमाग से लेकर दिल तक पड़ता है असर अलग-अलग नशीले पदार्थ शरीर पर अलग प्रभाव डालते हैं। कुछ पदार्थ हृदय गति और रक्तचाप बढ़ा सकते हैं, जबकि कुछ सांस लेने की गति धीमी कर देते हैं। शराब का लंबे समय तक सेवन लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है। तंबाकू और धूम्रपान से फेफड़ों तथा हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। लगातार नशा करने से याददाश्त, निर्णय लेने की क्षमता, एकाग्रता और व्यवहार में भी बदलाव आ सकता है।

लत क्यों बन जाती है गंभीर समस्या? लगातार सेवन से शरीर और मस्तिष्क नशीले पदार्थ के आदी हो सकते हैं। कई बार पहले जैसा प्रभाव पाने के लिए व्यक्ति को अधिक मात्रा की जरूरत महसूस होती है। सेवन बंद करने पर बेचैनी, नींद की परेशानी, चिड़चिड़ापन और अन्य लक्षण सामने आ सकते हैं। कुछ पदार्थों को अचानक छोड़ना चिकित्सकीय निगरानी के बिना खतरनाक भी हो सकता है।

समय पर मदद लेना जरूरी नशे की निर्भरता एक उपचार योग्य स्वास्थ्य समस्या है। डॉक्टर की सलाह, काउंसलिंग, व्यवहार संबंधी उपचार और जरूरत के अनुसार दवाओं से इससे बाहर निकलने में मदद मिल सकती है। यदि किसी व्यक्ति को नशे के बाद सांस लेने में परेशानी, बेहोशी या दौरे पड़ें तो तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।


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