सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : खाने के बाद पेट फूलना सिर्फ गैस नहीं, लिवर की बीमारी का भी संकेत
खाना खाने के बाद पेट फूलना, गैस बनना या पेट में भारीपन महसूस होना आम समस्या है। अक्सर लोग इसे अपच या एसिडिटी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, यदि यह परेशानी बार-बार हो रही है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसके पीछे पाचन तंत्र से जुड़ी दूसरी समस्याएं भी हो सकती हैं। कुछ मामलों में पेट में लगातार भारीपन लिवर की बीमारी से भी जुड़ा हो सकता है। लेकिन केवल पेट फूलने के आधार पर फैटी लिवर की पुष्टि नहीं की जा सकती।
फैटी लिवर में क्या होता है? फैटी लिवर एक ऐसी स्थिति है, जिसमें लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा वसा जमा होने लगती है। इसकी शुरुआती अवस्था में ज्यादातर लोगों को कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखता। कुछ लोगों को थकान, पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में हल्का भारीपन या असहजता महसूस हो सकती है। खाने के बाद पेट फूलने की समस्या के सामान्य कारणों में जल्दी-जल्दी खाना, अधिक भोजन करना, गैस बनाने वाले खाद्य पदार्थ, कब्ज और कुछ खाद्य पदार्थों के प्रति असहिष्णुता शामिल हैं। इसलिए लगातार परेशानी होने पर सही कारण जानने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
इन संकेतों को भी न करें नजरअंदाज यदि पेट फूलने के साथ लगातार थकान, भूख कम लगना, थोड़े भोजन के बाद ही पेट भर जाना या दाहिनी तरफ पसलियों के नीचे भारीपन महसूस हो, तो डॉक्टर से सलाह लें। पैरों या टखनों में सूजन, आंखों या त्वचा का पीला पड़ना और पेट का लगातार बढ़ना भी गंभीर बीमारी के संकेत हो सकते हैं। लिवर की गंभीर बीमारी में पेट के भीतर तरल पदार्थ जमा हो सकता है, जिसे एसाइटिस (Ascites) कहते हैं। यह सामान्य गैस से अलग स्थिति है और इसके लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी है। लिवर को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें? संतुलित भोजन करें और फल, सब्जियां तथा साबुत अनाज को आहार में शामिल करें। नियमित शारीरिक गतिविधि करें और वजन नियंत्रित रखें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखें। शराब से बचें और बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं या सप्लीमेंट्स का सेवन न करें। पेट फूलने की समस्या लगातार बनी रहे, तो स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें।
कब करानी चाहिए जांच? डॉक्टर लक्षणों और जोखिम के आधार पर लिवर फंक्शन टेस्ट, ब्लड शुगर, लिपिड प्रोफाइल या पेट का अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दे सकते हैं। जरूरत के अनुसार अन्य जांच भी की जा सकती हैं। यदि पेट में लगातार सूजन के साथ सांस लेने में परेशानी, तेज दर्द, बुखार या भ्रम जैसी स्थिति हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। ध्यान रखें: पेट फूलना अपने आप में लिवर की बीमारी का निश्चित संकेत नहीं है। बार-बार या लंबे समय तक होने वाली परेशानी की सही वजह जानना और समय पर जांच कराना जरूरी है।
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