सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सुबह तकिए पर लार के निशान, इन बीमारियों का हो सकता है संकेत

सुबह नींद खुलने पर तकिए पर लार के निशान दिखाई देना कई लोगों के लिए सामान्य अनुभव है। कभी-कभार ऐसा होना आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती। लेकिन यदि यह समस्या लगातार बनी रहे या इसके साथ तेज खर्राटे, सांस लेने में परेशानी अथवा निगलने में दिक्कत हो, तो इसके पीछे किसी स्वास्थ्य समस्या की भूमिका हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की मुद्रा से लेकर नाक की रुकावट तक इसके कई कारण हो सकते हैं।

नाक बंद होना, सर्दी-जुकाम, साइनस या एलर्जी के कारण नाक से सांस लेने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में व्यक्ति नींद के दौरान मुंह से सांस लेने लगता है, जिससे मुंह खुला रहने के कारण लार बाहर निकलकर तकिए पर गिर सकती है। यदि नाक लगातार बंद रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है। इसके अलावा, सोते समय लार निकलना स्लीप एपनिया का संकेत भी हो सकता है। यदि इसके साथ तेज खर्राटे, नींद में हांफना, बार-बार नींद खुलना, सुबह सिरदर्द या दिनभर थकान जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। स्लीप एपनिया में नींद के दौरान सांस बार-बार रुकती है या वायुमार्ग संकरा हो जाता है, जिससे सांस लेने में परेशानी हो सकती है।

सोने की मुद्रा भी लार निकलने का एक कारण हो सकती है। करवट या पेट के बल सोने पर गुरुत्वाकर्षण के कारण लार मुंह से बाहर निकलना आसान हो जाता है। इसके अलावा, दांतों से जुड़ी समस्याएं, मुंह ठीक से बंद न हो पाना या लार निगलने में परेशानी भी इसकी वजह बन सकती हैं। कुछ दवाओं के प्रभाव से भी लार का उत्पादन बढ़ सकता है। इस समस्या से बचने के लिए नाक बंद रहने या एलर्जी का उचित उपचार कराना चाहिए और सोने की मुद्रा बदलकर देखना चाहिए। सिर को आरामदायक स्थिति में रखकर सोने से भी मदद मिल सकती है। यदि लार निकलने के साथ तेज खर्राटे या नींद में सांस रुकने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। साथ ही, बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई दवा बंद नहीं करनी चाहिए और न ही मुंह पर टेप लगाकर सोने का प्रयोग करना चाहिए।

कब जरूरी है डॉक्टर को दिखाना? यदि लार रोजाना अधिक मात्रा में निकलती है, निगलने में परेशानी होती है या समस्या अचानक शुरू हुई है, तो चिकित्सकीय सलाह लें। यदि अचानक चेहरे का एक हिस्सा लटकने लगे, बोलने में परेशानी हो या शरीर के एक तरफ कमजोरी आए, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। ध्यान रखें कि तकिए पर लार के निशान अपने आप में किसी गंभीर बीमारी की पुष्टि नहीं करते। सही कारण का पता लक्षणों और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय जांच से ही लगाया जा सकता है।


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