सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : शरीर में विटामिन डी हड्डियों और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के साथ कैल्शियम के अवशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी कई बार बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी रह सकती है। हालांकि, कमी अधिक होने पर लगातार थकान, मांसपेशियों में कमजोरी, दर्द और हड्डियों में दर्द जैसी समस्याएं दिखाई दे सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार विटामिन डी की कमी से खासतौर पर हड्डियों और मांसपेशियों से जुड़ी परेशानी हो सकती है। कमर, पैर या शरीर के दूसरे हिस्सों में हड्डियों का दर्द और मांसपेशियों में कमजोरी इसके संभावित संकेत हैं। गंभीर और लंबे समय तक कमी रहने पर वयस्कों में ऑस्टियोमलेशिया यानी हड्डियों के कमजोर और नरम होने की समस्या हो सकती है।
बच्चों में गंभीर कमी से रिकेट्स हो सकता है, जिसमें हड्डियां कमजोर और ठीक तरह से विकसित नहीं हो पातीं। कुछ मामलों में मांसपेशियों में ऐंठन या झटके भी हो सकते हैं, खासकर जब विटामिन डी की कमी के साथ कैल्शियम का स्तर भी बहुत कम हो। विटामिन डी की स्थिति जानने के लिए 25-हाइड्रॉक्सी विटामिन डी (25-OH-D) का रक्त परीक्षण किया जाता है। केवल लक्षणों के आधार पर स्वयं विटामिन डी की अधिक मात्रा लेना उचित नहीं है, क्योंकि जरूरत से ज्यादा सप्लीमेंट लेने से शरीर में कैल्शियम बढ़ सकता है और किडनी समेत अन्य अंगों पर असर पड़ सकता है।
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