सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पोहा खाने से नहीं बढ़ेगा शुगर? AIIMS डॉक्टर ने बताया डायबिटीज में कितना खाएं

नई दिल्ली। मधुमेह के मरीजों के लिए नाश्ते में क्या खाना चाहिए, इसे लेकर अक्सर कई सवाल रहते हैं। खासकर पोहे को लेकर यह धारणा है कि चावल से बनने के कारण इसे खाने से रक्त शर्करा तेजी से बढ़ सकती है। दिल्ली एम्स के अंतःस्राव विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजेश खड़गावत के अनुसार, मधुमेह होने पर पोहे को पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है। पोहा कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन है, इसलिए इसकी मात्रा पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।

डॉक्टर के मुताबिक, छोटी या सीमित मात्रा में पोहा खाने और बड़ी प्लेट पोहा खाने का शरीर पर असर एक जैसा नहीं होता। इसलिए मधुमेह के मरीजों को पोहा सीमित मात्रा में खाना चाहिए और इसे दिन में बार-बार खाने से बचना चाहिए। पोहा बनाते समय उसमें हरी सब्जियां और मूंगफली शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। इससे भोजन में पोषक तत्व और फाइबर बढ़ते हैं। वहीं पोहे के साथ मीठी चाय, बिस्किट या शीतल पेय लेने से अतिरिक्त शर्करा और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बढ़ सकती है।

एम्स जोधपुर की मधुमेह आहार योजना में भी सब्जियों वाला पोहा नाश्ते के विकल्पों में शामिल है, हालांकि आहार की मात्रा व्यक्ति की कैलोरी और चिकित्सकीय जरूरत के अनुसार तय की जाती है। इसलिए मधुमेह में पोहा पूरी तरह प्रतिबंधित भोजन नहीं है। मुख्य बात है मात्रा, बनाने का तरीका और उसके साथ लिए जाने वाले खाद्य पदार्थ। रक्त शर्करा नियंत्रण के लिए व्यक्तिगत आहार मात्रा डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार तय करना उचित है।


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