सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : 30 की उम्र में बढ़ रहा उच्च रक्तचाप, बिना लक्षण ऐसे करें नियमित जांच

भोपाल: उच्च रक्तचाप अब केवल अधिक उम्र के लोगों तक सीमित नहीं माना जाता। 30 वर्ष की उम्र के आसपास भी रक्तचाप बढ़ने का जोखिम रहता है। चिंता की बात यह है कि उच्च रक्तचाप से जूझ रहे कई लोगों में लंबे समय तक कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, रक्तचाप की नियमित जांच ही इसकी पहचान का सबसे भरोसेमंद तरीका है। भारत सरकार के स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भी 30 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों की उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी गैर-संचारी बीमारियों के लिए जांच पर जोर दिया गया है। नियमित जांच से बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान कर समय रहते चिकित्सकीय सलाह और जीवनशैली में बदलाव किए जा सकते हैं।

रक्तचाप की जांच के दौरान सही तरीके से माप लेना जरूरी है। माप से पहले कुछ मिनट आराम करें, बैठकर जांच कराएं और मान्य उपकरण का इस्तेमाल करें। यदि किसी जांच में रक्तचाप अधिक आता है, तो केवल एक रीडिंग के आधार पर उच्च रक्तचाप की पुष्टि नहीं की जानी चाहिए। चिकित्सक आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग दिनों में जांच या घर पर रक्तचाप की निगरानी की सलाह दे सकते हैं।

नियमित शारीरिक गतिविधि, कम नमक वाला संतुलित भोजन, पर्याप्त फल-सब्जियां, वजन को स्वस्थ सीमा में रखना और तंबाकू से दूरी रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन वयस्कों के लिए सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम स्तर की शारीरिक गतिविधि की सलाह देता है। यदि बार-बार रक्तचाप बढ़ा हुआ मिल रहा है, तो चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है। बहुत अधिक रक्तचाप के साथ सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, तेज सिरदर्द, धुंधला दिखाई देना या भ्रम जैसे लक्षण हों तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।


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