सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : PSA सामान्य होने पर भी हो सकता है प्रोस्टेट कैंसर, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

प्रोस्टेट कैंसर की जांच में पीएसए यानी प्रोस्टेट-विशिष्ट एंटीजन की जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है, लेकिन सामान्य पीएसए परिणाम कैंसर की संभावना को पूरी तरह समाप्त नहीं करता। विशेषज्ञ स्रोतों के अनुसार, ऐसा कोई एक निश्चित पीएसए स्तर नहीं है जो यह तय कर सके कि किसी व्यक्ति को प्रोस्टेट कैंसर है या नहीं। इसलिए लक्षण मौजूद होने पर केवल सामान्य पीएसए रिपोर्ट के आधार पर बीमारी की संभावना को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

शुरुआती प्रोस्टेट कैंसर में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते। हालांकि कुछ लोगों में पेशाब करने में परेशानी, पेशाब की धार कमजोर होना, बार-बार या खासकर रात में पेशाब लगना और पेशाब या वीर्य में खून आना जैसे संकेत दिखाई दे सकते हैं। आगे बढ़ चुके मामलों में स्तंभन संबंधी परेशानी, लगातार थकान, वजन कम होना या कमर, कूल्हे और हड्डियों में दर्द भी हो सकता है।

ध्यान रखना जरूरी है कि ये लक्षण केवल प्रोस्टेट कैंसर के कारण नहीं होते। बढ़ी हुई प्रोस्टेट ग्रंथि, संक्रमण और दूसरी गैर-कैंसरकारी स्थितियां भी पेशाब संबंधी समस्याएं पैदा कर सकती हैं। इसलिए लगातार या नए लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक या मूत्र रोग विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है।

स्थिति के अनुसार चिकित्सक शारीरिक जांच, पीएसए, मूत्र जांच, डिजिटल रेक्टल जांच, चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग और जरूरत पड़ने पर बायोप्सी की सलाह दे सकते हैं। प्रोस्टेट कैंसर की निश्चित पुष्टि बायोप्सी से की जाती है।


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