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वजन कम करने की कोशिश में अक्सर लोग कार्बोहाइड्रेट और फैट का सेवन घटाने पर ध्यान देते हैं, लेकिन इस दौरान प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा लेना भी बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रोटीन न केवल भूख को नियंत्रित करने में मदद करता है, बल्कि वजन घटाते समय मांसपेशियों को सुरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यही वजह है कि संतुलित वेट लॉस डाइट में प्रोटीन को खास जगह दी जाती है।

प्रोटीन युक्त भोजन पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करा सकता है। इससे बार-बार भूख लगने और अनावश्यक स्नैकिंग की संभावना कम होती है। इसके अलावा, शरीर को प्रोटीन पचाने और उसका इस्तेमाल करने में कार्बोहाइड्रेट तथा फैट की तुलना में अधिक ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। इसे भोजन का थर्मिक इफेक्ट कहा जाता है। हालांकि, केवल प्रोटीन बढ़ाने से वजन अपने आप कम नहीं होता। इसके लिए कुल कैलोरी सेवन को नियंत्रित करना भी जरूरी है।

वजन घटाने के दौरान शरीर फैट के साथ मांसपेशियों को भी ऊर्जा के लिए इस्तेमाल कर सकता है। पर्याप्त प्रोटीन और नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से मांसपेशियों के नुकसान को कम करने में मदद मिलती है। इससे शरीर की ताकत और कार्यक्षमता बनाए रखने में भी सहायता मिलती है।

दाल, चना, राजमा, सोयाबीन, पनीर, दूध, दही, अंडे, मछली और चिकन प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। 2026 में प्रकाशित इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन की सिफारिश के अनुसार, सामान्य वयस्कों के लिए वजन और गतिविधि के स्तर को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन 1.2 से 1.6 ग्राम प्रोटीन प्रति किलोग्राम शरीर के वजन का लक्ष्य उपयोगी हो सकता है।

हालांकि, प्रोटीन की जरूरत हर व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और शारीरिक गतिविधि के अनुसार अलग होती है। किडनी की बीमारी से पीड़ित लोगों को अधिक प्रोटीन लेने से पहले डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए।


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