सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : जिम और फिटनेस के शौकीनों के बीच क्रिएटिन सप्लीमेंट काफी लोकप्रिय है। खासकर मसल्स बढ़ाने, ताकत बढ़ाने और हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट में बेहतर प्रदर्शन के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। क्रिएटिन शरीर में प्राकृतिक रूप से भी बनता है और मांसपेशियों को तेज ऊर्जा उपलब्ध कराने में मदद करता है। शोध के अनुसार, क्रिएटिन को रेजिस्टेंस ट्रेनिंग के साथ लेने से मांसपेशियों की ताकत, आकार और प्रदर्शन में सुधार हो सकता है।
फायदे: क्रिएटिन खास तौर पर वेटलिफ्टिंग, स्प्रिंटिंग और ऐसे व्यायामों में मददगार हो सकता है, जिनमें कम समय के लिए ज्यादा ताकत की जरूरत होती है। कुछ शोधों में उम्रदराज लोगों में मांसपेशियों की ताकत और कुछ संज्ञानात्मक कार्यों पर भी संभावित लाभ मिले हैं।
संभावित नुकसान: कुछ लोगों में वजन बढ़ना, पेट या मांसपेशियों में ऐंठन जैसी समस्या हो सकती है। स्वस्थ वयस्कों में सुझाई गई मात्रा में इसका इस्तेमाल सामान्यतः सुरक्षित माना जाता है, लेकिन पहले से किडनी की बीमारी वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के बिना क्रिएटिन नहीं लेना चाहिए।
सावधानियां: सप्लीमेंट खरीदते समय गुणवत्ता और थर्ड-पार्टी टेस्टिंग का ध्यान रखें। किसी बीमारी, दवा के सेवन या अन्य स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर है। क्रिएटिन को संतुलित आहार और नियमित ट्रेनिंग का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
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