सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बच्चों को बार-बार गुदा के आसपास खुजली, बेचैनी या रात में ठीक से नींद न आने की समस्या हो रही है, तो इसका एक कारण पिनवर्म संक्रमण हो सकता है। Cleveland Clinic के अनुसार पिनवर्म छोटे, सफेद परजीवी कृमि होते हैं और यह संक्रमण बच्चों में अधिक आम है। मादा पिनवर्म रात के समय गुदा के आसपास अंडे देती हैं, जिससे खासतौर पर रात में तेज खुजली हो सकती है।

खुजली के कारण बच्चा बार-बार उस स्थान को खुजला सकता है। इससे अंडे उंगलियों और नाखूनों में पहुंचकर हाथों, कपड़ों, बिस्तर, खिलौनों और अन्य सतहों तक फैल सकते हैं। बाद में हाथ मुंह तक पहुंचने पर संक्रमण दोबारा हो सकता है। इसलिए घर में स्वच्छता और हाथों की सफाई बेहद महत्वपूर्ण है।

पिनवर्म संक्रमण का उपचार एंटी-पैरासाइट दवाओं से किया जाता है, लेकिन बच्चे को दवा देने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। कुछ मामलों में परिवार के अन्य सदस्यों को भी उपचार की आवश्यकता हो सकती है। नियमित हाथ धोना, नाखून छोटे रखना, रोज नहाना और अंडरवियर व बिस्तर को अच्छी तरह धोना संक्रमण फैलने और दोबारा होने के जोखिम को कम कर सकता है।


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