सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : क्या डायबिटीज के मरीज दूध पी सकते हैं? जानिए कितनी मात्रा सुरक्षित है

डायबिटीज होने के बाद खान-पान को लेकर कई सवाल उठते हैं। इनमें एक आम सवाल है कि क्या डायबिटीज के मरीज दूध पी सकते हैं? विशेषज्ञों के अनुसार, डायबिटीज में दूध पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं होती, लेकिन इसकी मात्रा और उसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट को ध्यान में रखना जरूरी है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार दूध और दही में कार्बोहाइड्रेट होते हैं, इसलिए इन्हें डायबिटीज की मील प्लानिंग में शामिल करते समय इसकी मात्रा का ध्यान रखना चाहिए।

क्या दूध से बढ़ सकती है ब्लड शुगर? दूध में प्राकृतिक रूप से लैक्टोज नामक शुगर होती है। शरीर इसे ग्लूकोज समेत अन्य घटकों में तोड़ता है, इसलिए दूध पीने के बाद ब्लड शुगर बढ़ सकती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि डायबिटीज के मरीज दूध नहीं पी सकते। असल बात यह है कि दूध से मिलने वाले कार्बोहाइड्रेट को पूरे दिन के भोजन में शामिल करके संतुलित मात्रा में लिया जाए।

कितनी मात्रा ली जा सकती है? एक सामान्य मात्रा के तौर पर लगभग 1 कप (240 मिलीलीटर) बिना चीनी वाला दूध लिया जा सकता है, लेकिन हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है। डायबिटीज में कार्बोहाइड्रेट की दैनिक जरूरत उम्र, वजन, दवाओं, शारीरिक गतिविधि और ब्लड शुगर नियंत्रण पर निर्भर करती है। इसलिए किसी व्यक्ति के लिए सही मात्रा डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह से तय करना बेहतर है।

किस तरह का दूध बेहतर है?

बिना चीनी वाला सादा दूध चुनें।

दूध में चीनी, शहद या फ्लेवर्ड सिरप न मिलाएं।

मीठे फ्लेवर्ड मिल्क और शुगर वाले मिल्कशेक से बचें।

वजन या हृदय संबंधी जोखिम होने पर कम वसा वाले विकल्प पर डॉक्टर/डाइटीशियन से सलाह ली जा सकती है।

पैकेट वाले दूध या डेयरी विकल्प लेते समय Nutrition Facts में Total Carbohydrate और Added Sugar जरूर देखें।

दूध कब पीना बेहतर है? दूध को भोजन के साथ या भोजन की कार्बोहाइड्रेट मात्रा को ध्यान में रखते हुए लिया जा सकता है। इसे अलग से बड़ी मात्रा में पीने के बजाय अपनी पूरी मील प्लानिंग का हिस्सा बनाना बेहतर है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन भी डायबिटीज मैनेजमेंट में भोजन के कुल कार्बोहाइड्रेट और पोर्शन पर ध्यान देने की सलाह देता है।

निष्कर्ष डायबिटीज में दूध पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं है। बिना चीनी वाला दूध सीमित मात्रा में लिया जा सकता है, लेकिन क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट मौजूद होते हैं, इसलिए इसे रोजाना के भोजन में शामिल करते समय मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। यदि दूध पीने के बाद आपकी ब्लड शुगर लगातार अधिक बढ़ती है, तो अपनी डाइट और दूध की मात्रा को डॉक्टर या डाइटीशियन के साथ समीक्षा करें।


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