आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: साहित्य, संस्कृति, शिक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पाँच दशकों से सक्रिय संतोष चौबे हाउस ऑफ लॉर्ड्स, लंदन में, लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित होंगे। उनका चयन वातायन-यू.के. अंतर्राष्ट्रीय शिखर सम्मान-2023 के लिए किया गया है। चौबे को यह अलंकरण इंडो यूरोपीय हिन्दी महोत्सव के दौरान आगामी 13 अक्टूबर को लंदन में प्रदान किया जाएगा।
भारतीय इंजीनियरिंग सेवा तथा भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चयनित संतोष चौबे, वर्तमान में सी.वी. रामन् विश्वविद्यालय तथा रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के चांसलर हैं तथा आईसेक्ट नेटवर्क, राज्य संसाधन केन्द्र, वनमाली सृजन पीठ एवं टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला केन्द्र के अध्यक्ष हैं।
अवार्ड की चयन समिति ने अनुशंसा में कहा है कि संतोष चौबे हिन्दी साहित्य तथा भाषा को बढ़ावा देने के लिए लेखन के साथ-साथ विभिन्न साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सतत सक्रिय हैं। संतोष चौबे का बहुआयामी रचनाकर्म
कवि, कथाकार, उपन्यासकार संपादक और अनुवादक संतोष चौबे उन विरल साहित्यकारों में से हैं जो अपने अभिनव रचनात्मक प्रकल्पों और नवाचारों के लिए वैश्विक पहचान रखते हैं। उनके छह कथा संग्रह- ‘हल्के रंग की कमीज’, ‘रेस्त्राँ में दोपहर’, ‘नौ बिन्दुओं का खेल’, ‘बीच प्रेम में गाँधी’, ‘मगर शेक्सपियर को याद रखना’ तथा ‘प्रतिनिधि कहानियाँ’, तीन उपन्यास- ‘राग केदार’, ‘क्या पता कॉमरेड मोहन’ और ‘जलतरंग’, चार कविता संग्रह- ‘कहीं और सच होंगे सपने’, ‘कोना धरती का’,‘’इस अ-कवि समय में’ तथा ‘घर-बाहर’ प्रकाशित और चर्चित हुए हैं। टेरी इगल्टन, फ्रेडरिक जेमसन, वॉल्टर बेंजामिन, ओडिसस इलाइटिस एवं ई.एफ. शूमाकर के उनके अनुवाद ‘लेखक और प्रतिबद्धता’, ‘मॉस्को डायरी’ तथा ‘भ्रमित आदमी के लिए एक किताब’ के नाम से प्रकाशित हैं जो व्यापक रूप से पढ़े व सराहे गये हैं। उन्होंने कथाकार वनमाली पर केन्द्रित दो खंडों में ‘वनमाली समग्र’ का तथा कथा एवं उपन्यास पर केन्द्रित वैचारिक गद्य की तीन पुस्तकों ‘आख्यान का आंतरिक संकट’, ‘उपन्यास की नयी परम्परा’ एवं ‘कहानीः स्वप्न और यथार्थ’ का सम्पादन भी किया है। इसी के साथ उनकी दो आलोचना पुस्तकें ‘कला की संगत’ एवं और ‘अपने समय में’ भी प्रकाशित हुई हैं। वर्तमान में वे नाटक तथा कलाओं की पुरस्कृत और प्रतिष्ठित अंतर्विधायी पत्रिका ‘रंग संवाद’ के प्रधान सम्पादक हैं। उनके द्वारा सम्पादित मध्यप्रदेश के दो सौ से अधिक कथाकारों पर केन्द्रित कथाकोश ‘कथा मध्यप्रदेश’ को राष्ट्रव्यापी ख्याति मिली है। इसी क्रम में ‘विश्व रंग’ के अवसर पर उन्होंने देश भर के छह सौ से अधिक कथाकारों के कथा संचयन ‘कथादेश’ को अठारह खंडों में सम्पादित किया है। वनमाली कथा सम्मान 2022 के अवसर पर प्रकाशित, भोपाल के एक सौ पचहत्तर से अधिक कथाकारों पर केन्द्रित ‘कथा भोपाल’ तथा हिन्दी में विश्व की 200 से अधिक विज्ञान कथाओं को ‘विज्ञान कथा कोश’ के वे प्रधान सम्पादक हैं