आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर ‘वनमाली शिक्षक सम्मान 2023’ से रायसेन जिले में शिक्षा की अलख जगाने वाले उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि आर. बालासुब्रमण्यम, निदेशक मौसम विज्ञान केन्द्र भोपाल, विशिष्ट अतिथि संदीप सिंघई, प्रधान वैज्ञानिक एम्प्री भोपाल, अदिति चतुर्वेदी वत्स, प्रो-चांसलर आरएनटीयू, संगीता जौहरी प्रो-वाईस चांसलर, संजीव गुप्ता, डीन एकेडमिक्स, विशेषरुप से उपस्थित थे।
इस माके पर रायसेन जिले के उत्कृष्ट शिक्षक सुनील पांडे, प्रभारी प्राचार्य संकुल केन्द्र वीकलपुर, शा.उ.मा.वि. वीकलपुर विकास खंड सिलवानी, जिला-रायसेन, एच एन मिश्रा, उप प्राचार्य, शासकीय सीएम राइज स्कूल औबेदुल्लागंज, जिला-रायसेन, रीता भावसर, उच्चतर माध्यमिक शिक्षक, शासकीय कन्या उच्चतर विद्यालय बरेली जिला-रायसेन, सुनील कुमार वर्मा, माध्यमिक शिक्षक, शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय गौहरगंज, विकास खण्ड औबेदुल्लागंज गौहरगंज, जिला-रायसेन, प्रदीप कुमार शर्मा, प्राथमिक षिक्षक, एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला ढ़िमरौली, विकासखण्ड बेगमगंज जिला-रायसेन को सम्मानित किया गया। साथ ही विश्वविद्यालय के टीचिंग एण्ड लर्निंग क्षेत्र में नीता घनगनकर, फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट, शुभम कुलश्रेष्ठ, फैकल्टी ऑफ एग्रीकल्चर, सुनील श्रीवास्तव, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी, बुक्स एण्ड पब्लिकेशन क्षेत्र में कनक सक्सेना, फैकल्टी ऑफ एग्रीकल्चर, पूजा चतुर्वेदी, फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट, नेहा माथुर, फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट, रिसर्च एण्ड इनोवेशन क्षेत्र में सुदेशना रे, फैकल्टी ऑफ साइंस, किशोर ठाकरे, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी, प्रतीक निगम, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी को उत्कृष्ट कार्य करने पर वनमाली शिक्षक अवार्ड से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर श्री आर. बालासुब्रमणियन जी ने वनमाली शिक्षक सम्मान की अनूठी पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमारे देश में गुरु का स्थान माता-पिता से भी ऊपर है। शिक्षक खुद दीपक की तरह जलता है, लेकिन छात्रों की ज़िन्दगी में ज्ञान का दीपक जलाता है। भारत तो वैसे भी गुरुओं का देष है। इसीलिए इसे विश्वगुरु कहा जाता है। आज हम चन्द्रमा पर पहुंच गये हैं। यह सब शिक्षक की वजह से ही तो संभव हो पाया है। वहीं डॉ. संदीप सिंघई ने बतौर प्रेरक वक्ता के रुप में अपनी बात रखते हुए कहा कि आज के छात्रों का पालन पोषण पहले जैसा नहीं है। अच्छा शिक्षक वही है जो सिखाने के साथ साथ खुद भी सीखता है। आज छात्रों को थाट प्रोसेस में कई दिक्कते आती हैं। इसीलिए शिक्षक को साइकोलाजिस्ट भी बनना पड़ता है। आज शिक्षक भी छात्र से तीन चीजें चाहते हैं पहला हार्डवर्क दूसरा एफर्ड। अंत में उन्होंने वनमाली शिक्षक सम्मान से सम्मानित होने वाले शिक्षकों को बधाई दी।