आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल-यूआईटी आरजीपीवी सिविल इंजीनियरिंग विभाग के टेक्नोफिलिक स्टूडेंट्स क्ल्ब द्वारा भारत रत्न सर् मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती को इंजीनियर्स डे के रूप में मनाया गया | इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेन्ट कारपोरेशन के तकनीकी एडवाइजर इंजीनियर अखिलेश अग्रवाल, अध्यक्ष कुलपति सुनील कुमार,विशेष अतिथि एस. सी.चौबे, सुरेश सिंह कुशवाह थे ।
कार्यक्रम का प्रारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया,तत्पश्चात उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए एस सी चौबे ने कहा कि भारत के विकास में इंजीनियरों का महत्वपूर्ण योगदान है, आज चंद्रयान, भारत मंडपम जैसे निर्माण एवं आत्मनिर्भर भारत के लिए इंजीनियरों की प्रतिबद्धता प्रशंसनीय है।
अखिलेश अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि इंजीनियर होना एक माइंडसेट का विषय है, सीमित संसाधनों के साथ पर्यावरण के अनुकूल निर्माण कार्यों में अपनी भूमिका निभाकर इंजीनियर राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देता है। उन्होंने कहा कि इंजीनियर जो पढ़े उसका व्यवहारिक उपयोग समाज हित के लिए करें।स्मार्ट सिटी ,यातायात एवं शहर की स्वच्छता में लो कास्ट निर्माण से इंजीनियर समाज को लाभान्वित कर सकते हैं।
इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो सुनील कुमार ने कहा कि सर् मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया ने इंजीनियर के रूप में भारत के विकास में अतुलनीय योगदान दिया इसलिए वे भारत रत्न बने,बानवे वर्ष की उम्र तक वे देश हित मे अपने ज्ञान का आवेदन देते रहे जो यह बताता है की इंजीनियर कभी रिटायर्ड नही होता है।आज सस्टेनेबल डेवलपमेन्ट के लिए ऐसी सामग्री के उपयोग पर इंजीनियर को बल देना होगा जो कार्बन फुटप्रिंट्स कम करे तथा इकोसिस्टम के लिए अनुकूल हो।
इंजीनियर समस्याओं का समाधान करता है।