आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारतीय वन प्रबंध संस्थान, भोपाल द्वारा इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में आई.ऍफ़.एस अधिकारियों के लिए पाँच दिवसीय 35 वे पी.एस.यु.सी (प्रोफेशनल स्किल अप्ग्रेडेशन कोर्स) कार्यकम्र का शुभारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 45 भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारियों द्वारा भाग लिया जा रहा है। इस अवसर पर भरत ज्योती, निदेशक, इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय वन अकादमी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए एवं सम्मानीय अतिथि के रूप में कार्यक्रम निदेशक तुलसि दास, आई.जी.एन.एफ.ए उपस्थित रहे।
अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए भरत ज्योती ने कहा, “वानिकी का क्षेत्र अपनी पारंपरिक सीमाओं से परे विकसित हुआ है, जिसमें वन्य जीवन, पर्यावरण, पर्यावरण प्रदूषण के मुद्दे और जलवायु परिवर्तन की जटिलताएं शामिल हैं। आपका प्रत्येक कार्य अगले तीन से पांच दशकों में होने वाले परिदृश्य परिवर्तनों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
इस कार्यक्रम की आवश्यकता पर बल देते हुए भारतीय वन प्रबंध संस्थान के निदेशक के. रविचंद्रन ने कहा, “वन अधिकारियों के रूप में, हम समाज की ज़रूरतो को पूरा करने के लिए कटीबद्ध हैं। इस पाठ्यक्रम के अंतर्गत प्रबंधन मॉड्यूल उद्देश्यपूर्ण रूप से आपके प्रबंधकीय कौशल को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।” संस्थान की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा “संस्थान द्वारा विभिन्न राज्य वन विभागो के साथ संयुक्त रूप से कार्य किया जा रहा है। आईआईएफएम विकास पथ पर है, और वानिकी के क्षेत्र में अग्रणी वैश्विक संस्थान बनने कि राह पर अग्रसर है।”
इसी क्रम में पहले दिन आई.आई.एम्. नागपुर के सोम सेखर भट्टाचार्य द्वारा “नेतृत्व कौशल और प्रभावि संवाद” तथा “स्वयं और दूसरों को समझना: उत्कृष्टता के लिए प्रेरणा” विषय पर व्याख्यान दिया गया साथ ही एन.एल.आइ.यु, भोपाल के मनीष यादव द्वारा “कॉन्ट्रेक्ट मैनेजमेंट” के विषय पर चर्चा की गयी। इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागी अधिकारियों को प्रदेश कि प्राकृतिक धरोहरों का भी भ्रमण करवाया जयेगा।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न विषयों पर देश के प्रतिष्ठित व्यक्तियों द्वारा प्रशिक्षण दिया जायेगा। इनमें परिवर्तन प्रबंधन, रणनीतिक संचार, टीम निर्माण, सार्वजनिक नीति निर्माण, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और कार्य कुशलता, परियोजना प्रबंधन, केम्पा गतिविधियों का प्रभावी कार्यान्वयन, तनाव प्रबंधन आदि शामिल हैं। कार्यक्रम में संस्थान के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, उज्जल शर्मा द्वारा धन्यवाद् ज्ञापित किया गया।