सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : 67 देशों में डॉक्टरों की कमी का खतरा, भारत में 55+ डॉक्टर 12%
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की नई रिपोर्ट ने दुनिया में स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ाई है। रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक 67 देशों में आबादी की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध नहीं होंगे। वैश्विक स्तर पर डॉक्टरों की बढ़ती उम्र इस चुनौती को और गंभीर बना रही है। WHO के अनुसार, 122 देशों के उपलब्ध आंकड़ों में औसतन लगभग हर चार में से एक डॉक्टर की उम्र 55 वर्ष से अधिक है। आने वाले दशक में इन डॉक्टरों के सेवानिवृत्त होने की संभावना है। उच्च आय वाले देशों में यह अनुपात लगभग हर तीन में से एक डॉक्टर का है। इससे कई देशों में डॉक्टरों की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ सकता है।
भारत में 55 वर्ष से अधिक उम्र के डॉक्टरों की हिस्सेदारी करीब 12 प्रतिशत बताई गई है। वहीं, भारत सरकार के अनुसार देश में 13,88,185 पंजीकृत एलोपैथिक डॉक्टर हैं। 80 प्रतिशत उपलब्धता मानने पर डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात लगभग 1:811 आंका गया है। WHO ने स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनकी शिक्षा, प्रशिक्षण, रोजगार और ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों में उपलब्धता मजबूत करने पर जोर दिया है। संगठन के मुताबिक बेहतर आंकड़ों के आधार पर भविष्य की स्वास्थ्य जरूरतों के लिए समय रहते योजना बनाना जरूरी है।
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