सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : शिक्षक दिवस के अवसर पर आंचलिक विज्ञान केन्द्र, भोपाल, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (एनसीएसएम), संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की इकाई द्वारा एक दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को विज्ञान शिक्षण की गतिविधि-आधारित एवं प्रयोगात्मक विधियों से परिचित कराना तथा जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल, रोचक एवं प्रभावी तरीके से विद्यार्थियों तक पहुँचाने के लिए प्रशिक्षित करना था।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में वर्णित अनुभवात्मक एवं गतिविधि-आधारित शिक्षा के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए तथा मध्य प्रदेश की स्पेसटेक नीति और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति के अनुरूप विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान भौतिकी, रसायन विज्ञान एवं जीव विज्ञान से संबंधित विभिन्न व्यावहारिक व क्रियाशील प्रयोगों एवं गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को वैज्ञानिक अवधारणाओं को स्वयं प्रयोग करके समझने का अवसर दिया गया।

भौतिकी के अंतर्गत ऊष्मा का संचरण एवं संवहन, ध्वनि एवं कंपन, गति के नियम, द्रव्यमान केन्द्र तथा तापमान में परिवर्तन के कारण पदार्थों के प्रसार और संकुचन जैसी अवधारणाओं को प्रयोगों के माध्यम से समझाया गया। रसायन विज्ञान में ऊष्माशोषी एवं ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ, रासायनिक अभिक्रियाओं की श्रृंखला, ऑक्सीकरण एवं अपचयन जैसी मूलभूत अवधारणाओं को सरल प्रयोगों द्वारा प्रदर्शित किया गया। जीव विज्ञान में सूक्ष्म अवलोकन, पादप कोशिकाओं की संरचना तथा पत्तियों में गैसों के आदान-प्रदान से संबंधित अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप से समझाया गया।

कार्यक्रम में करके सीखना और अनुभव-आधारित सीखना पर विशेष जोर दिया गया। शिक्षकों ने स्वयं प्रयोगों में भाग लेकर यह समझा कि सीमित संसाधनों एवं दैनिक उपयोग की वस्तुओं के माध्यम से विद्यालयों में प्रभावी विज्ञान गतिविधियाँ किस प्रकार कराई जा सकती हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी शिक्षकों ने आंचलिक विज्ञान केन्द्र के हॉल ऑफ़ स्पेस अन्वेषण का विशेष निर्देशित भ्रमण भी किया। शिक्षकों ने अंतरिक्ष विज्ञान, भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम, अंतरिक्ष अन्वेषण एवं संबंधित वैज्ञानिक उपलब्धियों से जुड़ी प्रदर्शित जानकारियों और मॉडलों का अवलोकन किया। इसके साथ ही शिक्षकों ने केन्द्र की अन्य विज्ञान दीर्घाओं एवं प्रदर्शनों का भी निर्देशित दौरा किया और विज्ञान को इंटरैक्टिव एवं अनुभवात्मक माध्यम से समझने का आनंद लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी देना नहीं, बल्कि शिक्षकों में प्रश्न पूछने, निरीक्षण करने, प्रयोग करने, तर्क करने और निष्कर्ष निकालने की वैज्ञानिक प्रवृत्ति को बढ़ावा देना था, ताकि वे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा एवं नवाचार की भावना विकसित करने में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकें।

आंचलिक विज्ञान केन्द्र, भोपाल द्वारा एनईपी 2020 के अनुभवात्मक शिक्षण के दृष्टिकोण तथा मध्य प्रदेश में विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं अंतरिक्ष क्षेत्र को बढ़ावा देने की नीतिगत प्राथमिकताओं के अनुरूप इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जोड़ने के प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं।


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