सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एयर इंडिया की फुकेत से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI-2379 में 4 अगस्त 2026 को हुई गंभीर घटना को लेकर जांच में बड़ा तकनीकी खुलासा हुआ है। शुरुआती तौर पर विमान के अचानक ऊंचाई खोने की वजह टर्बुलेंस बताई गई थी, लेकिन एयरबस की प्रारंभिक तकनीकी जांच में सामने आया कि विमान के तीनों हाइड्रॉलिक सिस्टम ने बेहद कम समय के अंतराल में दबाव खो दिया था। इसके चलते करीब चार सेकंड तक विमान के कुछ महत्वपूर्ण फ्लाइट कंट्रोल काम नहीं कर पाए।

करीब 36 हजार फीट की ऊंचाई पर हुआ घटनाक्रम AI-2379 एयरबस A320 विमान था और घटना के समय यह ओडिशा के ऊपर करीब 36,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। एयरबस के शुरुआती DFDR डेटा विश्लेषण के मुताबिक, विमान के ग्रीन, ब्लू और येलो—तीनों हाइड्रॉलिक सिस्टम में तेजी से प्रेशर लॉस हुआ। एयरबस A320 में तीन स्वतंत्र हाइड्रॉलिक सिस्टम होते हैं, जिन्हें इस तरह डिजाइन किया गया है कि किसी एक सिस्टम के फेल होने पर विमान पूरी तरह नियंत्रणहीन न हो। तीनों सिस्टम का एक साथ प्रभावित होना बेहद असामान्य माना जाता है।

चार सेकंड तक कंट्रोल पर असर तीनों हाइड्रॉलिक सिस्टम के प्रभावित होने से विमान के एलिवेटर और एलेरॉन जैसे महत्वपूर्ण फ्लाइट-कंट्रोल सरफेस ने लगभग चार सेकंड तक सामान्य प्रतिक्रिया नहीं दी। एलिवेटर विमान की नोज को ऊपर-नीचे करने में मदद करते हैं, जबकि एलेरॉन विमान को दाएं-बाएं रोल करने में मदद करते हैं।

इसी दौरान विमान की नोज ऊपर की ओर पिच हुई और ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट हो गया। रिपोर्ट के अनुसार, फर्स्ट ऑफिसर ने विमान की नोज नीचे करने के लिए पूरा इनपुट दिया, लेकिन शुरुआत में फ्लाइट-कंट्रोल सरफेस ने अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं दी। हाइड्रॉलिक प्रेशर वापस आने के बाद नियंत्रण सामान्य हुआ और विमान ने तेजी से नीचे की ओर मूवमेंट किया।

विमान करीब 300 फीट नीचे आया घटना के दौरान विमान की ऊंचाई में करीब 300 फीट की अचानक गिरावट दर्ज हुई। इस झटके के कारण विमान में सवार 24 लोग घायल हुए, जिनमें 20 यात्री और चार क्रू सदस्य शामिल बताए गए हैं। हालांकि विमान बाद में सुरक्षित दिल्ली एयरपोर्ट पर उतर गया।

आखिर तीनों सिस्टम क्यों फेल हुए? सबसे अहम सवाल यही है कि तीन अलग-अलग और स्वतंत्र हाइड्रॉलिक सिस्टम एक साथ कैसे प्रभावित हुए। अभी इसका अंतिम जवाब जांच एजेंसियों के पास नहीं है।

एयरबस की प्रारंभिक जांच में हाइड्रॉलिक प्रेशर सेंसर या प्रेशर स्विच से जुड़ी संभावित खराबी की दिशा में जांच की जरूरत बताई गई है। एयरबस ने एयर इंडिया को हाइड्रॉलिक प्रेशर स्विच, प्रेशर ट्रांसड्यूसर, वायरिंग और फ्लाइट-कंट्रोल सिस्टम की विस्तृत जांच करने को कहा है। विमान की पिछले एक महीने में हुई हाइड्रॉलिक सिस्टम संबंधी मेंटेनेंस गतिविधियों की जानकारी भी मांगी गई है।

जांच अभी जारी, वजह तय नहीं इस मामले की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रहा है। एयरबस और फ्रांस की BEA भी तकनीकी जांच में सहयोग कर रहे हैं। फिलहाल तीनों हाइड्रॉलिक सिस्टम के एक साथ प्रेशर खोने की अंतिम वजह आधिकारिक तौर पर तय नहीं हुई है। इसलिए सेंसर या किसी अन्य तकनीकी हिस्से की खराबी को अभी संभावित कारण के तौर पर ही देखा जा रहा है।

घटना ने विमान की सुरक्षा व्यवस्था और हाइड्रॉलिक सिस्टम की redundancy को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े किए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह किसी एक तकनीकी घटक की खराबी थी, वायरिंग या सेंसर से जुड़ी समस्या थी या कई घटनाओं की श्रृंखला ने मिलकर यह स्थिति पैदा की।


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