सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले, भोपाल वेस्टर्न बाइपास को मंजूरी; RGPV से बनेंगे तीन विश्वविद्यालयभोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी शिक्षा, ग्रामीण रोजगार, डेयरी विकास और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने कुल मिलाकर करीब 41 हजार करोड़ रुपये के विकास एवं कल्याणकारी प्रस्तावों को स्वीकृति दी।भोपाल वेस्टर्न बाइपास की संशोधित लागत मंजूरकैबिनेट ने 35.61 किलोमीटर लंबे भोपाल वेस्टर्न बाइपास की संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की। यह चार लेन का बाइपास होगा और इसमें पक्के शोल्डर भी बनाए जाएंगे। परियोजना की कुल वित्तीय लागत करीब ₹3,225.51 करोड़ है और इसे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। निर्माण से पहले की गतिविधियों के लिए ₹548.29 करोड़ राज्य बजट से खर्च किए जाएंगे।
इस बाइपास के बनने से भोपाल से गुजरने वाले वाहनों, खासकर जबलपुर और नर्मदापुरम की ओर से इंदौर जाने वाले ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। परियोजना में बदलाव के बाद मार्ग की लंबाई भी कम की गई है, जिससे यात्रा में करीब 21 किलोमीटर तक की बचत होने का दावा किया गया है।परियोजना के दौरान पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाएगा। रातापानी क्षेत्र से गुजरने वाले हिस्सों में वन्यजीवों की आवाजाही के लिए अंडरपास बनाए जाने की योजना है।
RGPV का होगा पुनर्गठनकैबिनेट का एक बड़ा फैसला तकनीकी शिक्षा से जुड़ा रहा। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत तीन अलग-अलग टेक्नोलॉजी और स्किल यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएंगी।
नई व्यवस्था के तहत:
मध्य भारत टेक्नोलॉजी एंड स्किल यूनिवर्सिटी — भोपाल
मालवा टेक्नोलॉजी एंड स्किल यूनिवर्सिटी — उज्जैन
महाकौशल टेक्नोलॉजी एंड स्किल यूनिवर्सिटी — जबलपुर
इन विश्वविद्यालयों का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा को क्षेत्रीय स्तर पर अधिक प्रभावी बनाना और उसे कौशल विकास तथा रोजगार से जोड़ना है।
ग्रामीण रोजगार योजना पर भी बड़ा फैसला
कैबिनेट ने मध्य प्रदेश में ‘विकसित भारत: VBG-RAM-G’ योजना को लागू करने की मंजूरी दी। इसके तहत ग्रामीण परिवारों के इच्छुक वयस्क सदस्यों को साल में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की गारंटी देने का प्रावधान है। योजना के लिए 2026-27 में ₹3,183 करोड़ और 2026-27 से 2030-31 तक करीब ₹26,436 करोड़ के व्यय का अनुमान है।
डेयरी और सांची ब्रांड को मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने सहकारी डेयरी व्यवस्था को मजबूत करने और सांची ब्रांड के विस्तार के लिए करीब ₹2,973 करोड़ की डेयरी विकास योजना को भी मंजूरी दी। इसके तहत दूध संग्रहण, प्रसंस्करण क्षमता और ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध सहकारी समितियों के विस्तार पर जोर दिया जाएगा।
किसानों को मूंग खरीद में राहत
कैबिनेट ने समर्थन मूल्य योजना के तहत पंजीकृत किसानों से गर्मी की मूंग की खरीद की सीमा को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत तक करने के फैसले को भी मंजूरी दी। सरकार का कहना है कि इससे किसानों को अपनी उपज के अधिक हिस्से की सरकारी खरीद का लाभ मिल सकेगा।
मोहन कैबिनेट के इन फैसलों में एक ओर भोपाल की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर जोर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर तकनीकी शिक्षा के विकेंद्रीकरण, ग्रामीण रोजगार, डेयरी क्षेत्र और किसानों को समर्थन देने के लिए बड़े वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।
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