सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रबींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल में रूस और श्रीलंका के प्रतिनिधियों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर रूस की हिंदी साहित्यकार श्वेता सिंह, श्रीलंका की वरिष्ठ हिंदी प्राध्यापिका निलान्थी राजपक्षे और शोध छात्रा सुगंधि कुलसिंघे का आत्मीय अभिनंदन किया गया। श्वेता ने रबींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय द्वारा हिंदी, भारतीय भाषाओं और लोक बोलियों के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, साहित्य और कला के क्षेत्र में किए जा रहे वैश्विक स्तर के कार्यों की सराहना की। उन्होंने इसे अद्वितीय और अनुकरणीय बताया। निलान्थी राजपक्षे ने विश्वविद्यालय के वातावरण और संपादित कार्यों को करीब से जानने का अवसर अविस्मरणीय बताया। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति को समर्पित ऑनलाइन कोर्स के माध्यम से श्रीलंका के विद्यार्थियों को भी जोड़ने का प्रयास करेंगे।

सुगंधि कुलसिंघे ने विश्वविद्यालय को मध्य भारत में शांति निकेतन का अनुभव कराने वाला बताया। प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर टैगोर अंतरराष्ट्रीय हिंदी केंद्र, विश्व रंग फाउंडेशन, प्रवासी भारतीय साहित्य एवं संस्कृति शोध केंद्र, टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केंद्र, टैगोर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, संस्कृत एवं प्राच्य भाषा शिक्षण केंद्र और अनुवाद केंद्र सहित अन्य विभागों का भ्रमण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ रचनात्मक विचार-विमर्श किया। इस दौरान संगीता जौहरी, कुलसचिव; जवाहर कर्नावट, सलाहकार; रुचि मिश्रा तिवारी, डीन, मानविकी एवं उदार कला संकाय; विनय उपाध्याय, निदेशक, टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केंद्र; विकास अवस्थी, सीईओ, विश्व रंग फाउंडेशन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने टैगोर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के विद्यार्थियों से सार्थक संवाद किया। अतिथियों को विश्वविद्यालय द्वारा विश्व में हिंदी, रूस और श्रीलंका की चयनित रचनाएँ, रंग संवाद, वनमाली कथा, वनमाली वार्ता, विश्व रंग संवाद, अनुनाद और सफह पर आवाज सहित विश्व रंग का साहित्य भेंट किया गया। इस अवसर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान देने का संदेश दिया।
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