सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आंचलिक विज्ञान केन्द्र, भोपाल (रा. वि. सं. प. की एक इकाई) में अंतरराष्ट्रीय चंद्रमा दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विज्ञान प्रेमियों के लिए विविध विज्ञान गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य चंद्र अन्वेषण, भारतीय अंतरिक्ष अभियानों तथा अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जनसामान्य, विशेषकर विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं जिज्ञासा का विकास करना था।
कार्यक्रम के अंतर्गत रॉकेट प्रक्षेपण एवं सॉफ्ट लैंडिंग का वैज्ञानिक प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को रॉकेट विज्ञान के सिद्धांतों, प्रक्षेपण प्रक्रिया तथा चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग की वैज्ञानिक अवधारणा का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया गया। इस आकर्षक प्रदर्शन ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को अत्यंत प्रभावित किया
इसके पश्चात लोकप्रिय विज्ञान व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान का विषय था "हम पुनः चंद्रमा पर क्यों लौट रहे हैं?"। यह व्याख्यान प्रो. मयूरेश सुर्निस, सहायक प्राध्यापक, भौतिकी विभाग, भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने भविष्य के चंद्र अभियानों, मानव अंतरिक्ष अन्वेषण, चंद्रमा पर उपलब्ध संसाधनों की संभावनाओं तथा भारत सहित विश्व के नवीनतम चंद्र मिशनों पर अत्यंत रोचक एवं ज्ञानवर्धक जानकारी साझा की। प्रतिभागियों ने व्याख्यान के दौरान अनेक जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका प्रो. सुर्निस ने सरल एवं वैज्ञानिक ढंग से उत्तर दिया।
कार्यक्रम में लाइव वैक्यूम प्रदर्शन भी आयोजित किया गया, जिसमें चंद्रमा जैसे निर्वात वातावरण में विभिन्न वस्तुओं के व्यवहार को वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। इस प्रदर्शन ने विद्यार्थियों को चंद्रमा के वातावरण एवं अंतरिक्ष विज्ञान की अवधारणाओं को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर प्रदान किया।
विद्यार्थियों के ज्ञान एवं वैज्ञानिक समझ का परीक्षण करने हेतु भारतीय चंद्र मिशनों पर आधारित चंद्रमा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा भारत के चंद्र अभियानों, विशेषकर चंद्रयान मिशनों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी उत्कृष्ट जानकारी का परिचय दिया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा विज्ञान प्रेमियों ने भाग लिया। सभी गतिविधियाँ अत्यंत सफल रहीं तथा प्रतिभागियों ने विज्ञान को प्रयोगों एवं सहभागिता के माध्यम से सीखने का आनंद लिया।
आंचलिक विज्ञान केन्द्र, भोपाल के अधिकारियों ने बताया कि केन्द्र का उद्देश्य ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में वैज्ञानिक सोच का विकास करना तथा युवाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में प्रेरित करना है।
अंत में सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों, आमंत्रित वक्ता तथा सहयोगी संस्थानों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ।
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