सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आईटीआई भोपाल के पूर्व प्रशिक्षु अरविंद नामदेव ने अपने कौशल, परिश्रम और नवाचार से कुशल कारीगर से सफल उद्यमी बनने तक का प्रेरणादायक सफर तय किया है। वे आज न केवल हैंडलूम और वस्त्र निर्माण के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुके हैं, बल्कि युवाओं को प्रशिक्षण देने के साथ 50 से अधिक वंचित वर्ग की महिलाओं को स्वरोजगार से भी जोड़ रहे हैं।
अरविंद ने अपने पिता से कटिंग एवं टेलरिंग का कार्य सीखा। इस क्षेत्र का तकनीकी ज्ञान प्राप्त करने के उद्देश्य से उन्होंने वर्ष 2016 में आईटीआई भोपाल के सिलाई टेक्नोलॉजी ट्रेड में प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षक स्मृति श्रीवास्तव के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से उन्होंने नौकरी के स्थान पर उद्यमिता को चुना। छोटे स्तर पर सिलाई और बुटीक का कार्य प्रारंभ करने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान, भोपाल में अतिथि संकाय के रूप में भी सेवाएं दीं।
एन-प्रियांस हैंडलूम प्रोड्यूसर प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना टेक्सटाइल वीविंग और हैंडलूम के क्षेत्र में बढ़ती रुचि के चलते अरविंद ने बुनकरों को संगठित कर वर्ष 2024 में ‘एन-प्रियांस हैंडलूम प्रोड्यूसर प्राइवेट लिमिटेड’ की स्थापना की। बुनकर सेवा केंद्र, इंदौर से प्राप्त 13 लाख रुपये की अनुदान सहायता से उन्होंने कॉटन, खादी कॉटन एवं अन्य हैंडलूम उत्पादों का बड़े स्तर पर निर्माण प्रारंभ किया। वर्ष 2025 में हैंडलूम प्रशिक्षण एवं उत्पादन केंद्र की स्थापना के लिए चरखे, हैंडलूम मशीनों और कच्चे माल हेतु हैंडलूम विभाग से 60 लाख रुपये की अनुदान सहायता भी प्राप्त हुई।
उनकी संस्था द्वारा हैंडलूम उत्पादों के साथ पुरुषों के कुर्ता-पायजामा और जैकेट, महिलाओं की कुर्ती, पैंट, टॉप, साड़ी, कांथा वर्क, हस्तनिर्मित खिलौने तथा अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। संस्था से वर्तमान में 50 से अधिक वंचित वर्ग की महिलाएं जुड़कर स्वरोजगार प्राप्त कर रही हैं। अरविंद का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को घर से ही कुटीर उद्योग के माध्यम से आजीविका उपलब्ध कराना है।
राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान उत्कृष्ट गुणवत्ता के कारण वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अरविंद को दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, गोवा और गुवाहाटी सहित विभिन्न शहरों में अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिला। दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हथकरघा दिवस कार्यक्रम में भी उनकी कंपनी के कार्यों की सराहना की गई। उन्हें वर्ष 2025 और 2026 में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर सम्मानित किया गया।
अरविंद वर्तमान में आईटीआई भोपाल, निफ्ट, एनआईडी, क्रिस्प और पॉलिटेक्निक सहित विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों को टेक्सटाइल वीविंग का प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनकी सफलता यह प्रमाणित करती है कि कौशल प्रशिक्षण, सही मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प से युवा न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर सकते हैं।
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