सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में बड़े सार्वजनिक प्रदर्शनों के लिए जंतर-मंतर की उपयुक्तता पर सवाल उठाने वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस आयुक्त से जवाब मांगा है।

याचिका में कहा गया है कि ऐतिहासिक प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के लिए पर्याप्त ढांचा और बुनियादी नागरिक सुविधाएं नहीं हैं। इसके साथ ही आसपास के निवासियों, यातायात व्यवस्था और आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं को भी असुविधा होती है। याचिका में अधिकारियों से ऐसे वैकल्पिक स्थानों की पहचान और विकास करने का आग्रह किया गया है, जहां शांतिपूर्ण सार्वजनिक प्रदर्शनों के लिए उचित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

शीर्ष अदालत की पीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर आगे की सुनवाई से पहले जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वह इस पहलू की जांच कर रही है कि क्या कोई वैकल्पिक प्रदर्शन स्थल शांतिपूर्ण सभा के संवैधानिक अधिकार, सार्वजनिक सुविधा और शहरी प्रबंधन के बीच बेहतर संतुलन बना सकता है।

जंतर-मंतर पर हाल के प्रदर्शनों के बाद दिल्ली में प्रदर्शन प्रबंधन को लेकर बढ़े ध्यान के बीच यह जनहित याचिका दायर हुई है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले का परिणाम राजधानी में निर्धारित प्रदर्शन स्थलों से जुड़े भावी दिशानिर्देशों को प्रभावित कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सार्वजनिक प्रदर्शनों, प्रशासनिक योजना और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रयोग पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है, साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने और रोजमर्रा के जीवन में व्यवधान कम करने के पहलू भी इससे जुड़े हैं।


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