सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल की तूर्यनाद समिति द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले तीन दिवसीय हिन्दी महोत्सव तूर्यनाद का 12वां संस्करण अर्थात तूर्यनाद’ 23 का शुभारंभ किया गया । उद्घाटन समारोह के अंतर्गत “शिवाय द बैंड” के अद्भुत, सांस्कृतिक एवं प्राणदायी प्रस्तुति के साथ इस वर्ष तूर्यनाद महोत्सव का पहला गुंजन होगा।

मुख्य अतिथि के रूप में भूरी बाई उपस्थित रहेंगी। भूरी बाई भील जनजाति की कलाकार हैं। 1987 में उन्हें मध्य प्रदेश सरकार से सर्वोच्च पुरस्कार ‘शिखर सम्मान’ प्राप्त हो चुका है। 1998 में उन्हें ‘अहिल्या सम्मान’ और 2021 में ‘पद्मश्री’ से विभूषित किया गया है। उन्होंने गांव में घर की दीवारों पर पिथोरा पेंटिंग करने की शुरुआत की। वे उस दौर में भोपाल में पेटिंग बनाने का काम करती थीं। बाद में संस्कृति विभाग की तरफ से उन्हें पेटिंग बनाने का काम दिया गया। वे देश के अलग-अलग जिलों में आर्ट और पिथोरा आर्ट पर कार्यशालाओं का आयोजन करवाती हैं।

कार्यक्रम में विशेष अथिति वरिष्ठ प्रो. खेमसिंह डहेरिया होंगे जो वर्तमान में अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय, भोपाल के ‘कुलपति’ पद पर पदस्थ हैं। डहेरिया को 54 अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया गया है तथा अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर की 105 शोध-संगोष्ठियों में शोधपत्र प्रस्तुत किए है। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की 25 परिसंवादों व कार्यशालाओं का संयोजन भी किया है। 7 अक्टूबर को तूर्यनाद’23 अपने नये रंग में सुसज्जित होगा। जिसमें संसदीय वाद विवाद, खिचड़ी, अभिव्यक्ति प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा।

संगीत की ताल पर विवाद, खिचड़ी, अभिव्यक्ति प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। संगीत की ताल पर नृत्य एवम् गायन तथा विविधता में एकता का संदेश देते हुए परिधानिका का आयोजन होगा। 8 अक्टूबर को प्रातः 9 बजे मैनिट पोर्च पर सामाजिक समस्याओं को उकेरते हुए नुक्कड़ नाटक द्वारा प्रतिभागी अपनी कला दिखाएंगे। 11 बजे चक्रव्यूह (ट्रेजर हंट) एवं सायं 4 बजे से कवि सम्मेलन होगा जिसमें देश भर से आए युवा कवि अपनी कविताओं के माध्यम से अपने विचारों को व्यक्त करेगें और इसी के साथ कार्यक्रम की समाप्ति होगी।

8 अक्टूबर को आयोजित होने वाले अखिल भारतीय युवा कवि सम्मेलन में इस बार वीर रस की देशभक्ति से ओतप्रोत कविताओं के लिए प्रसिद्द कवि हरिओम पवार जी पदार्पण कर रहें हैं। ये निराला पुरस्कार, भारतीय साहित्य संगम पुरस्कार, रश्मि पुरस्कार, जनजागरण, सर्वश्रेष्ठ कवि पुरस्कार व आवाज़-ए-हिंदुस्तान जैसे सम्मानों से अलंकृत किए जा चुके हैं।