सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: उत्तर प्रदेश और झारखंड में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भाजपा शुरू से सबका साथ सबका विकास की बात करती है और पं. बंगाल में ममता बनर्जी ने राजनीतिक तुष्टिकरण के आधार पर एससी-एसटी, ओबीसी के 5 लाख से ज्यादा लोगों का आरक्षण एक वर्ग विशेष को दिया है। हाईकोर्ट ने फैसला दिया है कि इसे वापस लेकर इनका हक एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को देना चाहिए। यही गलती कांग्रेस ने भी कर्नाटक और आंध्रप्रदेश में की है।

सीएम ने कहा, यह बाबा साहेब और हमारे संविधान की मूल भावना के भी विरुद्ध है। मूल भावना में कहा गया था कि धर्म के आधार पर आरक्षण इस देश में नहीं दिया जा सकता। हाईकोर्ट के निर्णय के बाद तो सब कुछ जगजाहिर हो चुका है। इसके बाद इन्हें माफी मांगना चाहिए। धर्म आधारित बात करने के कारण ही 1947 में देश का बंटवारा हुआ था। ये वापस बंटवारे के ही बीज बो रही है।

कृष्णा गौर भी बरसीं : मप्र की पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री कृष्णा गौर ने भोपाल में पत्रकार वार्ता में कहा कि ममता बनर्जी ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अनुशंसाओं को भी दरकिनार कर दिया। आयोग की अनुशंसा के विपरीत जब ममता बनर्जी ने मुस्लिम वर्ग को आरक्षण दिया तो आयोग ने आपत्ति भी जताई। लेकिन इनका जवाब नहीं दिया गया।