केंद्रीयमंत्री मिट्टी बचेगी तो खेती बचेगी किसान बचेगा
सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के ग्राम रमासिया से राष्ट्रव्यापी खेत बचाओ अभियान का शुभारंभ करते हुए किसानों को साफ संदेश दिया कि मिट्टी बचेगी तो खेती बचेगी किसान मजबूत होगा और देश समृद्ध बनेगा। उन्होंने संतुलित उर्वरक उपयोग मिट्टी परीक्षण सॉयल हेल्थ कार्ड प्राकृतिक खेती जल संरक्षण और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
देशभर में चलने वाले इस अभियान के शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि धरती हमारी माता है और इसकी सेहत बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अंधाधुंध रासायनिक खाद और कीटनाशकों का उपयोग न करें बल्कि मिट्टी की जांच के आधार पर जरूरत के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि ज्यादा रासायनिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता घटती है और उसमें मौजूद लाभकारी सूक्ष्म जीव नष्ट होते हैं जिसका सीधा असर उत्पादन और खेती की लागत पर पड़ता है।
केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि खेत बचाओ अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि धरती माता को बचाने का राष्ट्रीय संकल्प है। इस अभियान के तहत कृषि वैज्ञानिक कृषि विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ कृषि विज्ञान केंद्रों के अधिकारी कृषि विभाग की टीमें और जनप्रतिनिधि गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करेंगे। किसानों को मिट्टी परीक्षण संतुलित पोषण प्रबंधन प्राकृतिक खेती आधुनिक बुवाई तकनीक जल संरक्षण और उन्नत खेती के तरीके सिखाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि हर किसान का सॉयल हेल्थ कार्ड बनना जरूरी है ताकि किसान अपनी जमीन की जरूरत समझकर खाद का उपयोग करे। इससे खेती की लागत कम होगी उत्पादन बढ़ेगा और मिट्टी लंबे समय तक उपजाऊ बनी रहेगी। चौहान ने स्पष्ट कहा कि सरकार किसानों को रियायती दरों पर उर्वरक उपलब्ध करा रही है, लेकिन इसका मतलब जरूरत से ज्यादा उपयोग नहीं है। सही मात्रा में खाद का उपयोग ही टिकाऊ खेती की कुंजी है।
चौहान ने कहा कि खेती को लाभकारी बनाना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि सोयाबीन धान और दलहन फसलों के लिए क्षेत्र में विशेष प्रदर्शन किए जाएंगे। किसानों को उन्नत बीज वैज्ञानिक बुवाई लेजर लेवलर जैसी आधुनिक तकनीक और पानी बचाने वाली खेती के तरीके सिखाए जाएंगे। कृषि विज्ञान केंद्रों और विशेषज्ञ संस्थानों की मदद से नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री ने महिला सशक्तिकरण को भी अभियान से जोड़ा। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार आयवर्धन और स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। पात्र महिलाओं को समूहों से जोड़कर उन्हें प्रशिक्षण वित्तीय सहयोग और छोटे व्यवसाय शुरू करने के अवसर दिए जाएंगे ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और परिवार की आय बढ़ा सकें।
युवाओं को लेकर भी चौहान ने विशेष बात कही और कहा कि उनके लिए मार्गदर्शन और तैयारी के अवसर बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल सड़क मकान और बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं है बल्कि गांव में रोजगार आय और आत्मनिर्भरता के अवसर पैदा करना भी उतना ही जरूरी है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रमासिया गांव से शुरू हुआ यह अभियान आगे चलकर जनभागीदारी का बड़ा आंदोलन बनेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से गांवों में पहुंचें किसानों को तकनीकी सहायता दें और खेती को बचाने के इस संकल्प को जमीन पर उतारें। उन्होंने किसानों महिलाओं और युवाओं से अपील की कि वे विकास अभियानों में सक्रिय भागीदारी करें क्योंकि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही समृद्ध गांव सशक्त किसान आत्मनिर्भर महिलाएं और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण संभव है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी बहुत विज़नरी हैं बहुत पहले बहुत दूर का सोचते हैं। ये धरती माता केवल हमारे लिए नहीं आने वाली पीढ़ियों के लिए भी है। तो इसकी हालत ऐसी ना हो जाए कि आने वाली पीढ़ियों के लिए अन्न उत्पादित करने से इंकार कर दे इसलिए माटी बची रहे इसलिए संतुलित उर्वरकों का प्रयोग धरती के तत्वों की आवश्यकता देखते हुए करने की बात करेंगे। केवल इतना ही नहीं नकली पेस्टीसाइड और खाद उसके खिलाफ भी अभियान चलेगा। हम इस दौरान किसानों को वहाँ की एग्रो-क्लाइमैटिक कंडीशन के हिसाब से कौन सी फसल और कौन से बीज ठीक रहेंगे कृषि प्रणाली कैसी होनी चाहिए बीजों का उपचार और बाकी चीजें वो भी बताएँगे। धरती को बचाने के लिए हरित खाद भी जरूरी है, उसके बारे में भी जानकारी देंगे और विभिन्न योजनाओं का केंद्र सरकार की और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ भी इस कार्यक्रम के अंतर्गत पूरे देश में दिया जाएगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान कृषि वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्रों के विशेषज्ञ जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर कुपोषित बच्चों को पोषण किट भी वितरित की गई।

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