सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल परिसर में संस्कृत मास महोत्सव का समापन हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में वेदनारायण चोधरी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल परिसर के निदेशक प्रो रमाकांत पांडे ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में पांडेय ने कहा कि भारतीय संस्कृति और संस्कृत भाषाएक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जन्म से लेकर मृत्यु तकहोने वाले सभी संस्कारो का पालन संस्कृतभाषा से ही होता है। वर्तमान समय में आवश्यक है कि बोलचाल के व्यवहार में संस्कृत को बढ़ावा दिया जाये। मुख्य अतिथि ने सभी संस्कृत जनों को साधुवाद देते हुए आज के समय में संस्कृत की उपयोगिता पर चर्चा की। उन्होंने कहा शिक्षा व्यक्तित्व का दर्पण होती है। संस्कृत जानने वाले स्वतः ही सुसंस्कृत हो जाते हैं। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल परिसर में तीन वरिष्ट प्राध्यापकों नारायण सिम्हा हंसधर झा एवं गोविन्द पाण्डेय का सौ-प्रस्थानिक कार्यक्रम भी संपन्न हुआ। ध्यातव्य है कि नारायण सिम्हा मुख्यालय नव देहली में स्थानांतरित हुए हैं एवं हंसधर झा केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय श्रृंगेरी कर्नाटक तथा गोविंद पांडेय केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय गुरुवायुर केरल के नव निदेशक नियुक्त हुए है। भोपाल परिसर के निदेशक रमाकांत पांडेय ने संस्थान परिवार की ओर से उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें विश्वविद्यालय एवं संपूर्ण संस्कृत जगत की सेवा के कर्तव्य निर्वहन हेतु हार्दिक शुभकामनाएं प्रदान कीं।
प्रो सनन्दन कुमार त्रिपाठी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। संस्कृत सप्ताह मास महोत्सव आयोजन के सह-समन्वयक श्री प्रताप ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में संस्कृत सप्ताह मास महोत्सव आयोजन के समन्वयक प्रो. सोमनाथ साहू ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संस्कृत सप्ताह मास महोत्सव आयोजन के सह-समन्वयक डॉ जी नरसिंहलू ने समापन सत्र का संचालन किया।