सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के टैगोर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के प्रथम वर्ष के छात्रों द्वारा नाटक “अंडोरा” की प्रस्तुति से दर्शक मंत्रमुग्ध हुए। नाटक का निर्देशन अविजित सोलंकी द्वारा किया गया है। नाटक माक्स फ्रिश का है जिसके अनुवादक महेश दत हैं।
नाटक के बारे में
सन् 1961 में छपे माक्स फ्रिश के नाटक अंडोरा का मूल स्त्रोत “डेअर अंडोरानिश यूडे” नामक लघुकथा है जिसे फ्रिश ने द्वितीय विश्व युद्ध में तबाह जर्मनी की एक यात्रा के दौरान लिखा था। अंडोरा को इस बात के उदाहरण के रूप में समझा जा सकता है कि किस तरह एक समाज अपने “बाहरी लोगों“ और ‘बलि के बकरों’ का निर्माण करता हैं। ‘अंडोरा’ एक मॉडल का नाम है। एक छोटा काल्पनिक देश। नाटक की कहानी एक युवक ‘आन्द्री’ पर केन्द्रित है, जिसे बचपन से बताया गया है कि वो यहूदी है। नाटक की परत खुलते – खुलते अंडोरा के नागरिकों में यहूदियों के प्रति गहरी नफरत का खुलासा होता है। नाटक में आगे पता चलता है कि आन्द्री यहूदी नहीं है, पर लोगों में बढ़ती नफरत तब तक आन्द्री की हत्या का रूप ले लेती है। नाटक के बीच – बीच में पात्र कठघरे में आकर इस अपराध में अपनी बेगुनाही का दावा पेश करते है।
निर्देशक का परिचय
विगत 15 वर्षों से रंगकर्म में सक्रिय अविजित सोलंकी अदर थिएटर के संस्थापक सदस्य हैं। रंगकर्म की शुरुआत भोपाल में प्रसिद्ध निर्देशक अलखनन्दन के साथ। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय निर्देशकों के साथ रंगमंच का अनुभव। मप्र नाट्य विद्यालय के प्रथम बैच से एक वर्षीय डिप्लोमा एवं राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, दिल्ली से निर्देशन में विशेषज्ञता के साथ तीन वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा। रंगमंच एवं हिंसा’ पर शोध हेतु राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय दिल्ली द्वारा वर्ष 2019 में एकवर्षीय अध्येतावृत्ति एवं रंगमंच में नवाचार हेतु साहित्यिक संस्था स्पंदन द्वारा स्पंदन युवा पुरस्कार 2019।
बतौर निर्देशक देश भर में विभिन्न समुदायों के साथ कार्यशालाओं का संचालन एवं नाटकों का निर्देशन एवं राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय समारोहों में शिरकत। आपके द्वारा निर्देशित नाटकों में डाकघर, एंटिगनी, बड़े बड़े पंखों वाला बूढ़ा, काला धब्बा बादल की तरह आ रहा है, द लोअर डेप्थ्स, अधांतर आदि प्रमुख हैं।
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिजाइन, अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी एसटीएफएक्स यूनिवर्सिटी (कनाडा), राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय(विस्तार विभाग), मप्र नाट्य विद्यालय में बतौर अतिथि व्याख्याता अध्यापन।
भोपाल स्थित टैगोरे राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में बतौर सहायक प्राध्यापक अध्यापन एवं एकलव्य संस्था के साथ ‘शिक्षा में रंगमंच’ विषय पर शोध जारी है।