आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्वर्गीय श्रीनिवास तिवारी के पोते सिद्धार्थ राज तिवारी बुधवार को भाजपा में शामिल हो गए। भोपाल में BJP कार्यालय में उन्होंने सदस्यता ली। सिद्धार्थ कांग्रेस के टिकट पर रीवा से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। वे रीवा की त्योंथर सीट से कांग्रेस का टिकट मांग रहे थे। कांग्रेस ने यहां से रमाशंकर सिंह पटेल को उम्मीदवार घोषित किया है। इस बीच सीएम शिवराज सिंह ने कहा- कांग्रेस गजब है और धन्य है। इसके नेता गालियां खाने की पावर ऑफ अटॉर्नी देते हैं।
सीएम शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भोपाल में सिद्धार्थ को भाजपा की सदस्यता दिलाई। सीएम शिवराज ने कहा, सिद्धार्थ के पीछे बड़ी राजनीतिक विरासत है। वे युवा प्रतिभावान खिलाड़ी हैं।
कमलनाथ ऐसा काम क्यों करते हैं कि गाली खाना पड़े: CM
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने दिग्विजय सिंह और कमलनाथ पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस में गालियां खाने की पावर ऑफ अटॉर्नी दी गई है। कमलनाथ ने खुद इसका खुलासा किया है कि गाली खाने की पावर ऑफ अटॉर्नी उन्होंने दिग्विजय सिंह को दी थी, जो अभी तक वैलिड है। मैं कमलनाथ से पूछना चाहता हूं कि ऐसा काम ही क्यों करते हो कि गाली खाना पड़े। अगर गाली खाना पड़े तो खुद न खाएं, दूसरे को पावर ऑफ अटॉर्नी दे दें। ऐसे ही सरकार चलाने की पावर ऑफ अटॉर्नी भी इन्होंने दिग्विजय सिंह को ही दे रखी थी। पहले बंटाढार हुआ और बाद में भी बंटाढार हुआ। यह कांग्रेस गजब है और धन्य है। इसके नेता गालियां खाने की पावर ऑफ अटॉर्नी देते हैं।’
सिद्धार्थ बोले- 2003 की सड़कें याद हैं
सिद्धार्थ तिवारी ने कहा, हमारे परिवार ने 1971 के युद्ध में पाकिस्तान को शिकस्त देने के बाद कांग्रेस जॉइन की थी। आज नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। चाहे वह सैनिक का क्षेत्र हो या वाणिज्य का क्षेत्र हो। विश्व में हमारी तूती बोलती है। मैं मोदी जी के नेतृत्व और भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा से प्रभावित होकर बीजेपी का दामन थाम रहा हूं। हमारे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का कायाकल्प हुआ है। हमें 2003 की सड़कें याद हैं और 2023 के हाईवे हम देख रहे हैं। युवाओं को भारतीय जनता पार्टी में मौका मिलता है।
टिकट नहीं मिलने से नाराज थे सिद्धार्थ
कांग्रेस ने त्योंथर से रमाशंकर सिंह पटेल को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। हालांकि, सिद्धार्थ को टिकट न मिलने के संकेत काफी पहले से मिल गए थे। जिसके बाद वे केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कई बीजेपी नेताओं से मिल चुके हैं। सिद्धार्थ के बीजेपी में शामिल होने के बाद मौजूदा विधायक श्यामलाल द्विवेदी का टिकट काटकर उन्हें उम्मीदवार बनाया जा सकता है। बीजेपी ने फिलहाल यह सीट होल्ड रखी है।
रीवा में लड़ चुके लोकसभा का चुनाव
सिद्धार्थ तिवारी रीवा से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। इस चुनाव में उन्हें बीजेपी प्रत्याशी जर्नादन मिश्रा ने करीब सवा तीन लाख के बडे़ अंतर से हराया था। इस बार वे त्योंथर सीट से कांग्रेस से टिकट मांग रहे थे। स्थानीय समीकरणों और सर्वे में मजबूत स्थिति ना होने के चलते कांग्रेस आलाकमान से टिकट नहीं दिए जाने के संकेत मिल गए थे। जिसके बाद से ही वे बगावती तेवर दिखा रहे थे।