आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के एक हॉस्टल से छात्रों की रैगिंग का एक फोटो सामने आया है। स्टूडेंट्स से बातचीत में पता चला कि कैंपस में भेल नाम से बना एक ग्रुप सक्रिय है, जिसके मेंबर दबदबा बनाए रखने के लिए नए बैच के स्टूडेंट्स के साथ मारपीट करते हैं। मारपीट के बाद जूनियर्स को बस स्टाप तक ले जाया जाता है। वहां ‘यूआईटी का गब्बर शेर, भेल-भेल’ के नारे भी लगवाए जाते हैं। इधर, यूनिवर्सिटी प्रबंधन का कहना है कि पहले भी कई बार पुलिस इस ग्रुप के बारे में पूछताछ कर चुकी है। हाल ही में हुए विवाद के बाद छात्रों पर कार्रवाई भी की गई है।
मामला सामने आने के बाद दैनिक भास्कर ने यूनिवर्सिटी के जूनियर स्टूडेंट से बातचीत की, जिसमें रैगिंग को लेकर चौंकाने वाली बातें सामने आई है। पढ़िए…
2012 से एक्टिव है यह भेल ग्रुप
साल 2012 में यूनिवर्सिटी के छात्रों का भेल नाम से एक ग्रुप बनाया गया। इसका काम यूनिवर्सिटी के बाहर से आने वाले छात्रों पर नजर रखना था, ताकि यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ कोई घटना ना हो पाए। कुछ समय तक भेल ग्रुप ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के प्रयास किए गए, लेकिन बाद में धीरे-धीरे यह ग्रुप जूनियर्स को परेशान करने लगा। यह कई बार उनके साथ मारपीट भी करता था। बता दें, इस ग्रुप का भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (BHEL) से संबंध नहीं है।
ऐसे चुनते हैं हर साल ग्रुप के लिए सदस्य
सेकेंड ईयर के एक छात्र ने बताया कि इस ग्रुप में 25 से अधिक सदस्य हैं। इसमें फर्स्ट ईयर से लेकर फाइनल तक के छात्र शामिल होते हैं। ग्रुप में हमेशा उन छात्रों को चुना जाता है जो लड़ाई-झगड़े में बहुत एक्टिव रहते हैं। किसी भी नए छात्र का लड़ाई-झगड़े में नाम आता है उसको ग्रुप के लिए चुन लिया जाता है। हाल ही में इस ग्रुप के लोगों ने एक छात्र अनिमेष वर्मा और विकास धाकड़ के साथ मारपीट की थी।
आज फिर होगी पार्टी, जूनियर्स का लेंगे इंट्रो
आरजीपीवी के छात्रों की मानें तो शनिवार को बैरागढ़ स्थित एक मैरिज गार्डन में भेल ग्रुप ने एक पार्टी ऑर्गेनाइज की है। जिसमें एक इंट्रो सेशन रखा है। इसमें गर्ल्स सहित 80 से अधिक जूनियर्स शामिल होंगे।
4 सितंबर को हुई थी दो गुटों के बीच मारपीट
चार सितंबर की रात छात्रावास में रह रहे दो गुटों के बीच मारपीट हुई थी। इसकी शिकायत अगले दिन यूजीसी की एंटी रैंगिंग कमेटी में की गई। मामले में सेकेंड ईयर के एक छात्र को थर्ड ईयर के करीब 15 विद्यार्थियों ने अगवाकर मारपीट की थी। विश्वविद्यालय ने 25 दिन बाद दोषी विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई कर निष्कासित कर दिया। जुर्माना भी लगाया था। जिन पर कार्रवाई हुई उनमें देवेंद्र कुशवाहा, तनिष्क आनंद, शैलेंद्र सिंह, सत्यम नाग, अभिषेक मिश्रा, सुमित गुर्जर, हर्ष मरकाम, विपुल सिंह सोमवंशी, मोहित राय और कार्तिक गुप्ता शामिल थे।
कार्रवाई बेअसर, परिसर में घूमते रहते हैं छात्र
फर्स्ट ईयर के एक छात्र ने बताया कि जिन छात्रों को निष्कासित किया था, वे अभी भी कॉलेज और हॉस्टल में घूमते रहते हैं। जूनियर्स को डराते-धमकाते भी हैं। जब इसे लेकर डायरेक्टर यूआईटी सुधीर सिंह भदौरिया से दैनिक भास्कर ने सवाल किया तो उन्होंने कहा निष्कासित छात्रों के बारे में सिक्योरिटी को बताया है। उनके नाम भी दिए हैं। दरअसल, कॉलेज परिसर बहुत बड़ा है। आरजीपीवी का खुला परिसर है। हर जगह मॉनिटरिंग मुश्किल होती है। अगर छात्र कह रहे हैं तो आइडेंटिफाई का प्रयास कर कठोर कार्रवाई करेंगे।
पहले भी सामने आया भेल ग्रुप क नाम
सुधीर सिंह भदौरिया ने बताया कि जो फोटो सामने आया है, उसकी हमें काेई शिकायत नहीं मिली है। पिछले सप्ताह उससे पहले दो घटनाएं मारपीट की हुई थीं। यह फोटो उस समय का भी हो सकता है। इस मामले को हम इन्वेस्टिगेट कर रहे हैं। वहीं कॉलेज प्रशासन के सामने हॉस्टल स्टूडेंट्स की किसी प्रकार की कोई समिति की बात सामने नहीं आई है। स्टूडेंट्स भेल ग्रुप का पहले भी नाम ले चुके हैं, पुलिस जांच में नाम सामने आया है, लेकिन यह कोई रजिस्टर्ड फर्म तो है नहीं, जिससे पता चल सके कि इसमें कौन-कौन शामिल हैं।
चंदा मांगने के लिए बना ली समिति
फर्स्ट ईयर के छात्रों ने बताया कि हॉस्टल में एक समिति है। जिसमें करीब 25 छात्र शामिल हैं। यह छात्र लगातार आधी रातों को मीटिंग करते हैं। जो भी छात्र इसका विरोध करता है उसे परेशान किया जाता है। कई बार यह मीटिंग कई तरह के चंदे मांगने के लिए भी की जाती है।
आरजीपीवी में हैं 4 हॉस्टल और छात्रों की संख्या
एपीजे – 300 (बॉयज)
चंद्रशेखर – 200 (बॉयज)
भास्काराचार्य – 100 (बॉयज)
देवी अहिल्याबाई – 300 (गर्ल्स)
इसलिए बढ़ते हैं विवाद
समय समय पर कार्यक्रमों के लिए चंदा करना।
आधी रातों को छात्रों की मीटिंग बुलाना, नहीं आने वाले छात्र को परेशान करना।
अनऑफिशियल पार्टी करना। खर्चा नहीं उठाने वाले छात्रों को परेशान करना।