आंचलिक विज्ञान केंद्र की खगोल कार्यशाला समाप्त
सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आंचलिक विज्ञान केन्द्र भोपाल में अवकाश रचनात्मक विज्ञान कार्यशाला 2026 के अंतर्गत कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों हेतु आयोजित पाँच दिवसीय एस्ट्रोनॉमी: द स्टडी ऑफ द सन एंड द सनस्पॉट्स कार्यशाला का सफल समापन हुआ।
इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को खगोल विज्ञान सूर्य अध्ययन एवं अंतरिक्ष विज्ञान की मूलभूत एवं उन्नत अवधारणाओं से परिचित कराना था। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने सूर्य की संरचना सौर गतिविधियों सनस्पॉट्स सौर ज्वालाओं अंतरिक्ष मौसम तथा खगोलीय अवलोकन से संबंधित विभिन्न विषयों का अध्ययन किया।
कार्यशाला में विद्यार्थियों ने अनेक रोचक हैंड्स-ऑन गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता की। प्रतिभागियों ने सूर्य की बाहरी सतह से लेकर उसके केंद्र तक की संरचना को समझने हेतु सन टू कोर मॉडल तैयार किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने सूर्य की सहायता से समय मापन की वैज्ञानिक विधि को समझने के लिए सनडायल का निर्माण किया तथा खगोलीय यांत्रिकी की महत्वपूर्ण अवधारणा को समझने हेतु लैग्रांज पॉइंट मॉडल भी तैयार किया।
कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण सुरक्षित सौर अवलोकन सत्र रहे, जिनमें विद्यार्थियों ने विशेष सौर फिल्टर एवं उन्नत दूरबीनों की सहायता से सूर्य का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इस दौरान प्रतिभागियों ने सूर्य की सतह पर उपस्थित सनस्पॉट्स (सौर धब्बों) का अवलोकन करते हुए उनके वैज्ञानिक महत्व को समझा। विद्यार्थियों को खगोलीय अवलोकन तकनीकों दूरबीनों के कार्य सिद्धांत तथा अंतरिक्ष अन्वेषण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी प्रदान की गईं।
कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम ने खगोल विज्ञान एवं अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति उनकी जिज्ञासा और रुचि को और अधिक बढ़ाया है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
यह कार्यशाला विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अवलोकन क्षमता एवं अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने की दिशा में अत्यंत सफल एवं उपयोगी सिद्ध हुई।



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