सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अल्जाइमर को आमतौर पर बुढ़ापे से जुड़ी बीमारी माना जाता है, लेकिन इससे संबंधित कुछ बदलाव बीमारी की पहचान होने से कई साल पहले ही दिखाई दे सकते हैं। बार-बार चीजें भूलना, बातचीत के दौरान सही शब्द याद न आना, परिचित कामों में परेशानी होना और निर्णय लेने की क्षमता में बदलाव जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि, हर तरह की भूलने की समस्या अल्जाइमर का संकेत नहीं होती। नींद की कमी, तनाव, कुछ दवाओं के प्रभाव, विटामिन की कमी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी याददाश्त को प्रभावित कर सकती हैं। क्या अल्जाइमर के लक्षण 5 से 10 साल पहले दिखते हैं? अल्जाइमर रोग धीरे-धीरे विकसित होने वाली मस्तिष्क संबंधी बीमारी है। इसके कारण याददाश्त, सोचने-समझने और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता प्रभावित होती है। कुछ लोगों में बीमारी के स्पष्ट लक्षण सामने आने से कई साल पहले मस्तिष्क में जैविक बदलाव शुरू हो सकते हैं। कुछ मामलों में शुरुआती बदलाव 5 से 10 साल या उससे भी पहले शुरू हो सकते हैं, लेकिन इसकी अवधि हर व्यक्ति में अलग होती है।
बीमारी के शुरुआती चरण में व्यक्ति सामान्य बातचीत और रोजमर्रा के काम करता हुआ दिखाई दे सकता है। इसके बावजूद, नई जानकारी याद रखने या हाल की घटनाओं को याद करने में लगातार परेशानी हो सकती है। समय के साथ ये बदलाव दैनिक जीवन को प्रभावित करने लगते हैं। इन संकेतों को न करें नजरअंदाज 1. हाल की बातें बार-बार भूलना: किसी बातचीत, मुलाकात या हाल ही में हुई घटना को बार-बार भूल जाना और एक ही सवाल दोहराना चिंता का कारण हो सकता है। 2. परिचित कामों में परेशानी: रोजाना किए जाने वाले काम, जैसे बिलों का हिसाब रखना, खाना बनाने के चरण याद रखना या किसी परिचित उपकरण का इस्तेमाल करना मुश्किल लग सकता है।
3. सही शब्द खोजने में कठिनाई: बातचीत के दौरान सामान्य शब्द याद न आना, विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने में परेशानी होना या बात करते समय बार-बार रुकना शुरुआती संकेतों में शामिल हो सकता है।
4. समय और जगह को लेकर भ्रम: तारीख, दिन या स्थान को लेकर बार-बार भ्रमित होना और परिचित रास्ते पर भी दिशा पहचानने में कठिनाई होना गंभीरता से लेने योग्य बदलाव हैं।
5. निर्णय लेने की क्षमता में बदलाव: पैसों का हिसाब रखने, खरीदारी करने या किसी सामान्य परिस्थिति में सही निर्णय लेने में पहले की तुलना में अधिक परेशानी हो सकती है।
6. व्यवहार और स्वभाव में बदलाव: कुछ लोगों में चिड़चिड़ापन, चिंता, सामाजिक गतिविधियों से दूरी या व्यक्तित्व में बदलाव दिखाई दे सकता है। हालांकि, ऐसे बदलावों के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।
सामान्य भूलने और अल्जाइमर में क्या अंतर है? उम्र बढ़ने के साथ कभी-कभार किसी का नाम या किसी वस्तु को रखने की जगह भूल जाना सामान्य हो सकता है। ऐसे में व्यक्ति को कुछ समय बाद बात याद आ जाती है और दैनिक जीवन सामान्य रूप से चलता रहता है। इसके विपरीत, अल्जाइमर में याददाश्त और सोचने की क्षमता में बदलाव लगातार बढ़ सकते हैं। व्यक्ति महत्वपूर्ण घटनाएं भूल सकता है, एक ही बात बार-बार पूछ सकता है या परिचित कामों में दूसरों की मदद पर निर्भर होने लग सकता है। केवल लक्षणों के आधार पर अल्जाइमर की पुष्टि नहीं की जा सकती।
बचाव और समय पर जांच क्यों जरूरी? अल्जाइमर को पूरी तरह रोकने का कोई सुनिश्चित तरीका उपलब्ध नहीं है, लेकिन मस्तिष्क और हृदय के स्वास्थ्य का ध्यान रखना उपयोगी हो सकता है। नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद, धूम्रपान से दूरी, रक्तचाप और मधुमेह पर नियंत्रण तथा सामाजिक और मानसिक गतिविधियों में भागीदारी समग्र स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं। यदि खुद में या परिवार के किसी सदस्य में याददाश्त, व्यवहार या रोजमर्रा के काम करने की क्षमता में लगातार बदलाव दिखाई दे, तो डॉक्टर या न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लेना चाहिए। चिकित्सक जरूरत के अनुसार याददाश्त की जांच, दवाओं की समीक्षा और अन्य संभावित कारणों की जांच कर सकते हैं। महत्वपूर्ण बात: अल्जाइमर के शुरुआती संकेतों को पहचानना उपयोगी है, लेकिन घबराने या स्वयं बीमारी का निष्कर्ष निकालने के बजाय समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना सबसे सही कदम है।
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