सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : वजन कम करने के लिए ओजेम्पिक और मौंजारो जैसी दवाओं का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इन दवाओं को मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए प्रभावी विकल्प माना जाता है, लेकिन हर व्यक्ति पर इनका असर एक जैसा नहीं होता। दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिन्होंने कई महीनों तक इन दवाओं का इस्तेमाल किया, इसके बावजूद उनके वजन में अपेक्षित कमी नहीं आई। एम्स में करीब 20 प्रतिशत मरीजों को नहीं मिला अपेक्षित परिणाम रिपोर्ट के मुताबिक, एम्स दिल्ली के डॉक्टरों का कहना है कि मोटापे के इलाज के लिए आने वाले करीब 20 प्रतिशत मरीज ऐसे हैं, जिन्होंने ओजेम्पिक या मौंजारो जैसी दवाएं कई महीनों तक लीं, लेकिन उनका वजन कम नहीं हुआ। कुछ मरीजों ने डॉक्टर की सलाह पर इलाज शुरू किया और निर्धारित अवधि में दवा की खुराक भी बढ़ाई, फिर भी उन्हें अपेक्षित परिणाम नहीं मिला। ऐसे मरीज अब वजन कम करने के दूसरे विकल्पों के बारे में जानकारी लेने के लिए एम्स पहुंच रहे हैं।

कैसे काम करती हैं ये दवाएं? ओजेम्पिक में सेमाग्लूटाइड और मौंजारो में टिरजेपाटाइड नामक दवा होती है। ये दवाएं शरीर में भूख और भोजन के बाद पेट भरने की अनुभूति से जुड़े हार्मोन के प्रभाव की नकल करती हैं। इनके इस्तेमाल से भूख कम लग सकती है और व्यक्ति कम भोजन कर सकता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है। हालांकि, इन दवाओं का प्रभाव व्यक्ति की शारीरिक स्थिति, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और इलाज के प्रति प्रतिक्रिया के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। इसलिए यह मानना सही नहीं है कि इनका इस्तेमाल करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का वजन निश्चित रूप से कम होगा।

वजन घटाने का शॉर्टकट नहीं हैं दवाएं डॉक्टरों के अनुसार, सोशल मीडिया पर इन दवाओं को लेकर कई तरह के दावे किए जाते हैं। कुछ लोग अपने परिचितों के अनुभव देखकर इन्हें इस्तेमाल करने लगते हैं और कम समय में तेजी से वजन घटाने की उम्मीद करते हैं। लेकिन बिना उचित चिकित्सकीय मूल्यांकन के दवा लेना या अपनी मर्जी से खुराक बदलना नुकसानदेह हो सकता है। इन दवाओं के दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। इसलिए इनका इस्तेमाल केवल योग्य डॉक्टर की सलाह और निगरानी में किया जाना चाहिए। यदि दवा लेने के बाद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहा है, तो मरीज को खुद से खुराक बढ़ाने या दूसरी दवा शुरू करने के बजाय डॉक्टर से दोबारा परामर्श करना चाहिए।

संतुलित खानपान और जीवनशैली भी जरूरी एम्स के डॉक्टरों के मुताबिक, वजन घटाने के लिए संतुलित खानपान और नियमित शारीरिक गतिविधि महत्वपूर्ण हैं। पर्याप्त नींद, नियमित दिनचर्या और लंबे समय तक स्वस्थ आदतों को बनाए रखना भी वजन प्रबंधन में मदद कर सकता है। दवाओं को स्वस्थ जीवनशैली का विकल्प नहीं समझना चाहिए। यदि मोटापा गंभीर है और उससे मधुमेह, उच्च रक्तचाप या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं, तो डॉक्टर मरीज की स्थिति के अनुसार दवा, जीवनशैली में बदलाव या जरूरत पड़ने पर वजन घटाने की सर्जरी जैसे विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।

विशेषज्ञों का संदेश स्पष्ट है कि वजन घटाने का कोई एक तरीका सभी के लिए समान रूप से प्रभावी नहीं होता। सही उपचार का चुनाव व्यक्ति की सेहत, जरूरत और चिकित्सकीय सलाह के आधार पर किया जाना चाहिए।


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