सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : स्ट्रीट फूड का नाम सुनते ही अक्सर समोसे, कचौरी, चाट, मोमोज और तली हुई चीजों का ख्याल आता है। स्वाद के कारण ये खाद्य पदार्थ लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं, लेकिन इनमें अधिक तेल, नमक और कैलोरी होने से सेहत पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि, स्ट्रीट फूड का हर विकल्प अस्वास्थ्यकर नहीं होता। कुछ खाद्य पदार्थ पौष्टिक सामग्री से तैयार किए जाते हैं और साफ-सफाई का ध्यान रखकर बनाए जाएं, तो इन्हें संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।
भेलपुरी हो सकती है बेहतर पसंद
भेलपुरी में मुरमुरे, प्याज, टमाटर, खीरा, धनिया और नींबू जैसी सामग्री शामिल की जा सकती है। इसमें ताजी सब्जियां मिलाने से फाइबर और कुछ विटामिन मिलते हैं। हालांकि, सेव, नमकीन, मीठी चटनी और नमक अधिक मात्रा में डालने से इसकी कैलोरी और सोडियम बढ़ सकता है। इसलिए कम नमक और कम सेव वाली भेलपुरी चुनना बेहतर है।
भुना हुआ भुट्टा भी है अच्छा विकल्प सड़क किनारे मिलने वाला भुना हुआ भुट्टा फाइबर और कार्बोहाइड्रेट का स्रोत है। इसमें नींबू और सीमित मात्रा में मसाले डालकर खाया जा सकता है। इसे खाते समय अतिरिक्त नमक का अधिक इस्तेमाल न करें। डायबिटीज के मरीजों को भुट्टे की मात्रा अपने भोजन और ब्लड शुगर नियंत्रण के अनुसार तय करनी चाहिए।
इडली और स्टीम्ड फूड को दें प्राथमिकता इडली भाप में पकाई जाती है और इसमें तेल का इस्तेमाल अपेक्षाकृत कम होता है। सांभर के साथ खाने पर इससे प्रोटीन, फाइबर और अन्य पोषक तत्व भी मिल सकते हैं। इसी तरह भाप में पके कुछ खाद्य पदार्थ तली हुई चीजों की तुलना में बेहतर विकल्प हो सकते हैं। हालांकि, उनकी पौष्टिकता सामग्री और परोसने के तरीके पर निर्भर करती है।
चना और मूंग से बने स्नैक्स उबले चने, अंकुरित मूंग और अन्य दालों से बने स्नैक्स प्रोटीन और फाइबर उपलब्ध करा सकते हैं। इनमें प्याज, टमाटर, नींबू और हरी धनिया मिलाकर पौष्टिकता बढ़ाई जा सकती है। लेकिन अंकुरित अनाज और कटी हुई सब्जियों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। दूषित पानी या अस्वच्छ तरीके से तैयार भोजन पेट संबंधी संक्रमण का कारण बन सकता है।
स्ट्रीट फूड खाते समय रखें सावधानी स्वस्थ विकल्प चुनने के साथ भोजन की साफ-सफाई पर ध्यान देना भी जरूरी है। हमेशा ऐसी दुकान से खाना लें जहां खाद्य सामग्री ढककर रखी जाती हो, खाना ताजा तैयार होता हो और साफ पानी का इस्तेमाल किया जाता हो। खुले में रखी चटनी, कटे फल, अधपकी सामग्री और बार-बार इस्तेमाल किए गए तेल में तली चीजों से बचें।
स्ट्रीट फूड को हेल्दी बनाने के लिए कम तेल, कम नमक और कम मीठी चटनी वाले विकल्प चुनें। साथ ही, मात्रा का ध्यान रखें और रोजमर्रा के भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज तथा प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें। संतुलित खानपान है बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी कोई भी स्ट्रीट फूड केवल अपने नाम या सामग्री के आधार पर पूरी तरह स्वस्थ नहीं माना जा सकता। उसकी पौष्टिकता बनाने के तरीके, सामग्री की गुणवत्ता और खाने की मात्रा पर निर्भर करती है। इसलिए स्वाद के साथ पोषण और स्वच्छता को प्राथमिकता देना जरूरी है।
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