सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : नवरात्रि व्रत में फाइबर से रखें पाचन दुरुस्त, कब्ज से पाएं राहत
नवरात्रि के दौरान व्रत रखने वाले कई लोगों को कब्ज, पेट फूलने और पाचन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसकी एक वजह खानपान में अचानक बदलाव, पर्याप्त पानी नहीं पीना और फाइबर का सेवन कम होना हो सकता है। व्रत में साबूदाना, आलू और तली हुई चीजों का अधिक सेवन करने तथा फल-सब्जियों की मात्रा कम होने से भी भोजन में फाइबर की कमी हो सकती है। ऐसे में फाइबर से भरपूर व्रत-अनुकूल खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना पाचन को बेहतर रखने में मदद कर सकता है। अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज (NIDDK) के अनुसार, पर्याप्त फाइबर लेने के साथ पानी और अन्य तरल पदार्थ पीना कब्ज से राहत पाने के महत्वपूर्ण उपाय हैं। फाइबर मल को नरम बनाने और उसे आसानी से बाहर निकालने में मदद करता है। हालांकि, फाइबर की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ानी चाहिए, ताकि गैस और पेट फूलने जैसी परेशानी न हो।
व्रत में कौन-से फाइबर वाले खाद्य पदार्थ खाएं?
1. फल और उनके छिलके: सेब, नाशपाती और अन्य फाइबर युक्त फल पाचन के लिए उपयोगी हो सकते हैं। जिन फलों के छिलके खाने योग्य हों, उन्हें अच्छी तरह धोकर छिलके सहित खाने से अतिरिक्त फाइबर मिल सकता है।
2. सूखे मेवे और बीज: बादाम, अखरोट, अलसी और चिया सीड्स में फाइबर पाया जाता है। इन्हें सीमित मात्रा में फल या दही के साथ लिया जा सकता है। चिया सीड्स को पर्याप्त तरल के साथ भिगोकर लेना बेहतर है।
3. सब्जियां: लौकी, कद्दू और अन्य व्रत-अनुकूल सब्जियां भोजन में शामिल की जा सकती हैं। इनसे फाइबर और अन्य पोषक तत्व मिलते हैं। सब्जियों को कम तेल में पकाना बेहतर विकल्प हो सकता है।
4. कुट्टू और अन्य साबुत अनाज के विकल्प: कुट्टू और कुछ अन्य व्रत में खाए जाने वाले अनाज या बीज फाइबर उपलब्ध करा सकते हैं। हालांकि, उनकी मात्रा और फाइबर की वास्तविक मात्रा उत्पाद तथा तैयारी के तरीके पर निर्भर करती है। केवल कुट्टू की रोटी खाने से पूरे दिन की फाइबर जरूरत पूरी होना जरूरी नहीं है।
कब्ज से राहत के लिए पानी भी जरूरी फाइबर बढ़ाने के साथ पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। पानी की कमी होने पर मल कठोर हो सकता है और कब्ज की परेशानी बढ़ सकती है। व्रत के दौरान अपनी सेहत, मौसम और शारीरिक गतिविधि के अनुसार पानी लेते रहें। यदि डॉक्टर ने किसी बीमारी के कारण तरल पदार्थ सीमित रखने की सलाह दी है, तो उसी निर्देश का पालन करें। इसके अलावा, हल्की शारीरिक गतिविधि करना और शौच की इच्छा को लंबे समय तक नहीं रोकना भी नियमित मल त्याग में मदद कर सकता है। एक साथ ज्यादा फाइबर लेने से बचें यदि आप सामान्य दिनों में कम फाइबर खाते हैं, तो अचानक बहुत अधिक फाइबर लेने से गैस, पेट में ऐंठन और पेट फूलने की समस्या हो सकती है। इसलिए फल, सब्जियां और बीज धीरे-धीरे डाइट में शामिल करें। व्रत में केवल तली हुई चीजों या कम फाइबर वाले खाद्य पदार्थों पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित विकल्प चुनें।
यदि कब्ज लंबे समय तक बना रहे, मल में खून आए या पेट में लगातार दर्द हो, तो डॉक्टर से सलाह लें। तेज पेट दर्द, उल्टी और पेट बहुत फूलने जैसी समस्या होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें। निष्कर्ष: नवरात्रि के व्रत में फाइबर युक्त फल, सब्जियां और बीज शामिल करना, पर्याप्त पानी पीना और शारीरिक रूप से सक्रिय रहना पाचन को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है। सही खानपान से व्रत के दौरान कब्ज की परेशानी कम करने में सहायता मिल सकती है।
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