सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सीपीआर कब दें और कब नहीं? जानें सही तरीका, समय पर मदद से बच सकती है जान

अचानक किसी व्यक्ति का बेहोश हो जाना और सामान्य रूप से सांस न लेना गंभीर आपातकालीन स्थिति हो सकती है। ऐसे समय में कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) यानी हृदय-फेफड़ा पुनर्जीवन की मदद से उसकी जान बचाने की संभावना बढ़ सकती है। सीपीआर छाती पर दबाव देकर रक्त संचार बनाए रखने की एक आपातकालीन प्रक्रिया है। इसे सही समय पर शुरू करना और आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलाना बेहद जरूरी है।

सीपीआर कब देना चाहिए? यदि कोई वयस्क अचानक गिर जाए, आवाज देने और कंधे पर हल्के से थपथपाने पर प्रतिक्रिया न दे तथा सामान्य रूप से सांस न ले रहा हो या केवल हांफ रहा हो, तो तुरंत आपातकालीन सेवा को कॉल करें और सीपीआर शुरू करें। आम व्यक्ति को नाड़ी जांचने में समय नहीं गंवाना चाहिए। यदि पास में स्वचालित बाह्य डिफिब्रिलेटर (एईडी) उपलब्ध हो, तो उसे मंगवाएं और उसके निर्देशों का पालन करें।

सीपीआर देने का सही तरीका वयस्क व्यक्ति को सीपीआर देने के लिए इन चरणों का पालन करें:

प्रतिक्रिया जांचें: व्यक्ति को आवाज दें और कंधे पर हल्के से थपथपाएं। यदि प्रतिक्रिया न मिले, तो तुरंत मदद बुलाएं।

आपातकालीन सेवा को फोन करें: भारत में 112 पर कॉल करें और किसी से एईडी लाने को कहें।

छाती पर दबाव दें: व्यक्ति को पीठ के बल समतल और सख्त सतह पर लिटाएं। छाती के बीचोंबीच एक हथेली का आधार रखें और दूसरी हथेली उसके ऊपर रखें। तेजी और मजबूती से दबाएं: वयस्क की छाती को लगभग 5 से 6 सेंटीमीटर नीचे दबाएं। हर मिनट 100 से 120 बार दबाव दें और हर बार छाती को सामान्य स्थिति में वापस आने दें।

सीपीआर जारी रखें: प्रशिक्षित होने पर 30 बार छाती दबाने के बाद 2 बार सांस दें। यदि सांस देने का प्रशिक्षण नहीं है, तो वयस्क के लिए लगातार छाती पर दबाव देते रहें। एईडी उपलब्ध होते ही उसके निर्देशों का पालन करें।

सीपीआर कब नहीं देना चाहिए? यदि व्यक्ति होश में है या सामान्य रूप से सांस ले रहा है, तो छाती पर दबाव देकर सीपीआर न दें। यदि व्यक्ति बेहोश है, लेकिन सामान्य रूप से सांस ले रहा है, तो उसकी सांस पर नजर रखें और आपातकालीन सहायता लें। चोट की आशंका न होने पर उसे करवट की सुरक्षित स्थिति में रखा जा सकता है। यदि सांस सामान्य होना बंद हो जाए, तो सीपीआर शुरू करें।

ध्यान रखें: सीपीआर देने में देरी न करें। यदि व्यक्ति बेहोश है और सामान्य रूप से सांस नहीं ले रहा या केवल हांफ रहा है, तो तुरंत आपातकालीन सहायता बुलाकर सीपीआर शुरू करना जीवनरक्षक हो सकता है। बच्चों और शिशुओं के लिए तकनीक अलग होती है, इसलिए उनके लिए विशेष प्रशिक्षण लेना उपयोगी है।


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