आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : जबलपुर के प्रसिद्ध राजुल बिल्डर के दफ्तर और घर सहित प्रोजेक्ट आफ़िस में 2 दिन से इनकम टैक्स की छापामार कार्यवाही लगातार जारी है। अभी तक की जांच के दौरान इनकम टैक्स ने पाया है कि राजुल बिल्डर के 100 से ज्यादा बैंक खाते हैं। इतना ही नहीं सूत्र यह भी बताते हैं कि राजुल बिल्डर के जबलपुर और अन्य शहरों में चल रहे बड़े प्रोजेक्ट में उद्योगपतियों के अलावा सरकारी अधिकारियों का पैसा भी लगा हुआ है। इनकम टैक्स की जांच में अभी तक बड़े अधिकारियों के रिश्तेदार और उनकी पत्नियों के नाम भी सामने आए हैं, वहीं 20 से अधिक लॉकर राजुल बिल्डर के मिले हैं।
27 सितंबर की सुबह नर्मदा परिक्रमावासी बनकर इनकम टैक्स की टीम राजुल बिल्डर के रसल चौक स्थित आफिस पहुंची थी। इस दौरान आयकर विभाग की टीम ने कार्यालय में रखे कई अहम दस्तावेजों सहित कंप्यूटर हार्ड डिस्क और कई फाइलों को भी जप्त किया है। 2 दिन की जांच में आयकर विभाग को राजुल बिल्डर के कार्यालयों से दो करोड रुपए नगद भी मिले हैं। इनकम टैक्स की टीम अब राजुल बिल्डर के दफ्तरों से जप्त रजिस्ट्री और उनके प्रोजेक्ट में पैसा लगाने वाले पार्टनरों से भी जल्द पूछताछ करेगी। आईटी विभाग के जांच के दायरे में आए तमाम उद्योगपति, बिल्डर और अधिकारियों की रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है।
27 सितंबर की सुबह से लेकर 28 सितंबर की रात तक चली छापामार कार्यवाही के दौरान राजुल बिल्डर के एक दर्जन से अधिक ठिकानों पर तलाशी ली गई जिसमें की दफ्तर, घर और प्रोजेक्ट ऑफिस शामिल थे। राजुल बिल्डर के डायरेक्टर दिलीप मेहता और उनके परिजनों से भी इनकम टैक्स की टीम पूछताछ कर रही है। कार्यवाही होने तक सभी के मोबाइल जप्त कर लिए गए हैं, इसके अलावा दिलीप मेहता के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। राजुल बिल्डर के 20 से ज्यादा लाकर मिलें है, जिन्हें की आज खोलने की कार्रवाई की जाएगी।