सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: शहर में पहली बार निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए प्रशासन द्वारा किताबों के प्रकाशक की जानकारी के साथ यूनिफॉर्म, किताबों और अन्य आइटम के रेट लिए जाएंगे। इसके लिए कलेक्टर ने तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है।
यह टीम सभी बोर्ड के प्राइवेट स्कूल में जाकर इसका सत्यापन करेगी। इसके बाद अगर कोई स्कूल सिलेबस से लेकर किताब, स्कूल बैग, जूते, मोजे, टाई और यूनिफॉर्म में किसी तरह का बदलाव नहीं कर सकेंगे। अगर कोई बदलाव करना चाहता है, तो उसे जिला शिक्षा अधिकारी को कारण समेत इसके लिए आवेदन करना होगा। वहां से यह आवेदन कलेक्टर के पास भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी के बाद ही स्कूल इसमें बदलाव कर सकेंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी के ऑफिस में बनेगा कंट्रोल रूम:
इधर, बुधवार को हुई कार्रवाई के बाद बुक्स एंड बुक्स और न्यू स्नेह बुक सेंटर की जांच के लिए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम ने कमेटी बैठा दी है। उनके खिलाफ भी जल्द ही कार्रवाई की जा सकती है। आगे भी ऐसी कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा छापामार/निरीक्षण दलों का गठन किया जाएगा। यह दल नियमानुसार पालन न करने वाले स्कूलों/पुस्तक विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर प्रतिवेदन पेश करेगा। इसके साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी के ऑफिस में एक कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा। इसमें लोग सीधे शिकायत कर सकेंगे।
इस तरह बनाई गई नई एसओपी…
स्कूलों में प्राइवेट प्रकाशकों की चलने वाली किताबों की कीमतों की समिति छानबीन करेगी।
किताब की उपयोगिता एवं मूल्य का आकलन किया जाएगा।
किताब के महत्व के हिसाब से अधिक कीमत होने पर निरीक्षण समिति की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
यूनिफॉर्म, टाई, कॉपी, पुस्तकें आदि का सैंपल जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा निर्धारित पोर्टल पर पब्लिक डिस्प्ले किया जाएगा।
इसे हर कोई देख सकेगा, जिससे अन्य दुकानदार भी यह सामान अपने पास रख सकें।
सीबीएसई द्वारा पाठ्यक्रम में परिवर्तन की सूचना तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी को देना होगी।
एनसीईआरटी द्वारा निर्धारित पुस्तकों के अतिरिक्त अन्य संदर्भित पुस्तकों को खरीदने के लिए छात्रों या उनके पालकों पर दबाव नहीं बनाया जा सकेगा।
छात्रों की यूनिफॉर्म, किताबें कहां-कहां पर उपलब्ध है, इसे पब्लिक डोमेन में डालना होगा।
किसी भी तरह से स्टेशनरी और प्राइवेट स्कूल संचालकों की मनमानी नहीं चलेगी। किसी भी चीज और एक ही जगह से खरीदने के लिए पेरेंटस को मजबूर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किताबों और अन्य सामान के रेट की मनमानी भी खत्म की जाएगी। कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर