सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : गर्भावस्था में इन वजहों से बढ़ सकता है बच्चे में ऑटिज्म का जोखिम

नई दिल्ली। गर्भावस्था के दौरान मां और भ्रूण का स्वास्थ्य बच्चे के शुरुआती मस्तिष्क विकास से जुड़ा होता है। हालिया शोध में कुछ गर्भावस्था और प्रसव से संबंधित स्थितियों तथा बच्चों में ऑटिज्म के बीच संबंध पाया गया है। हालांकि, शोधकर्ताओं का कहना है कि ऐसे संबंधों को सीधे कारण के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

स्वीडन में हुए एक बड़े अध्ययन में 37 लाख लोगों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि गर्भ में कुछ दुर्लभ संक्रमणों से संक्रमित बच्चों में बाद में ऑटिज्म की पहचान होने की संभावना बिना संक्रमण वाले बच्चों की तुलना में करीब तीन गुना अधिक थी। इन संक्रमणों में साइटोमेगालोवायरस, रूबेला, टॉक्सोप्लाज्मा और हर्पीस जैसे संक्रमण शामिल हैं।

अन्य अध्ययनों में गर्भावस्था के दौरान अधिक मातृ वजन, धूम्रपान, कुछ मानसिक स्वास्थ्य स्थितियां, समय से पहले जन्म और कुछ प्रसव संबंधी जटिलताओं को भी ऑटिज्म के साथ जुड़ा पाया गया है। हालांकि, कई मामलों में आनुवंशिक और पारिवारिक कारक इन संबंधों को प्रभावित कर सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान नियमित चिकित्सकीय जांच, संक्रमण से बचाव, संतुलित आहार और चिकित्सक की सलाह का पालन महत्वपूर्ण है। किसी एक आदत या बीमारी को ऑटिज्म का निश्चित कारण मानना सही नहीं है। ऑटिज्म एक जटिल तंत्रिका-विकास संबंधी स्थिति है, जिसमें आनुवंशिक और पर्यावरणीय दोनों कारकों की भूमिका हो सकती है।


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