आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आज पांढुरना में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर छिंदवाड़ा के सांसद नकुलनाथ और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे के बेटे पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम के बाद हुई जनसभा को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सबसे पहले स्वर्गीय बाला साहेब ठाकरे के साथ अपने संबंधों को किया याद और कहा कि मुझे पांढुर्णा आकर अपनी जवानी की याद आती है और 40 साल पुराने पांढुर्णा और आज के पांढुरना का अंतर यहां हुए विकास से समझा जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि पांढुर्ना में मैंने सड़क से लेकर नेशनल हाईवे, और रेलवे तक हर क्षेत्र में विकास करवाने का प्रयास किया है।
कहा कि आज एक ऐतिहासिक दिन है छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण हुआ है। हम सभी को शिवाजी महाराज से सीखना होगा, कैसे संघर्ष किया जाए, कैसे लोकशाही के साथ शिवशाही की स्थापना की जाए। आने वाले चुनाव में हम सभी को सतर्क रहना होगा और मुझे पूरा विश्वास है की मध्य प्रदेश की जनता अपने वोट का सही उपयोग करेगी और सच्चाई का साथ देगी।
कमलनाथ ने आगे कहा कि आज मध्य प्रदेश के लिए सबसे बड़ी चिंता यहां बढ़ती बेरोजगारी की है, प्रदेश में एक करोड़ से ज्यादा बेरोजगार हैं।
उन्होंने कहा कि जिनके हाथ में मध्य प्रदेश के निर्माण की चुनौती है वह कैसे मध्य प्रदेश का निर्माण करेंगे, जब उनका खुद का भविष्य सुरक्षित नहीं रहेगा। कमलनाथ ने कहा कि पांढुर्णा की पहचान संतरे से है। अपने संसदीय कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि संतरे के किसान अपनी फसल को लेकर परेशान रहा करते थे।
कमलनाथ ने कहा कि उन्होंने संकल्प लिया कि मैं अपने किसानों की फसल सूखने नहीं दूंगा और उन्होंने यहां कई गाड़ियों के स्टॉपेज करवाने का काम किया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाला चुनाव मध्यप्रदेश के भविष्य का चुनाव है शिवराज सिंह ने भाजपा की 18 साल की सरकार में मध्य प्रदेश को बेरोजगारी में नंबर वन, भ्रष्टाचार में नंबर वन, आदिवासी अत्याचार में नंबर वन, महिला अत्याचार में नंबर वन, बना दिया है।
आज प्रदेश का हर नागरिक या तो भ्रष्टाचार का शिकार है या गवाह। भाजपा सरकार ने मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार की एक ऐसी व्यवस्था बनाई है कि पैसा दो और काम लो। जिसके कारण मध्य प्रदेश में निवेश नहीं आता है। आज मध्य प्रदेश पर किसी का भरोसा नहीं है जबकि मध्य प्रदेश पांच प्रदेशों से घिरा हुआ है।