आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्य प्रदेश वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन ने प्रदेश में धान के ओपन कैप्स में भंडारण का ठेका लेने वाली कंपनी मेसर्स गो ग्रीन वेयर हाउसेस प्राइवेट लिमिटेड को टर्मिनेट करने के बाद 5 साल के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिया है।
कार्रवाई से बचने के लिए कंपनी ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, जो खारिज हो गई। इसके बाद अब वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन ने कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उस पर 132.22 करोड़ की रिकवरी भी निकाली है।
ऐसे हुआ है नुकसान, 68156 मीट्रिक टन धान की करना है वसूली
कॉर्पोरेशन के एमडी दीपक सक्सेना ने दो अलग-अलग आदेश जारी किए हैं। जिसमें बताया कि 2020-21 में 2 साल के लिए कंपनी को ओपन कैप्स में भंडारण की स्वीकृति मिली थी। इसमें जबलपुर संभाग के जबलपुर, सिवनी, नरसिंहपुर, कटनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा जिले और रीवा संभाग के रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया जिले शामिल हैं।
कम्पनी की गलती से ओपन कैप्स में भंडारित कराई गई। धान में जो नुकसान होना पाया गया है उसमें रीवा संभाग में 15349.34 मीट्रिक टन और जबलपुर संभाग में 39699.91 मीट्रिक टन समेत 55049.25 मीट्रिक टन धान रखरखाव में कमी के चलते खराब हुई और अमान्य पाई गई। इसी तरह दोनों ही संभागों में 13107.28 मीट्रिक टन धान क्षतिग्रस्त पाई गई। इसमें रीवा में 8738.90 और जबलपुर संभाग में 4368.38 मीट्रिक टन धान क्षतिग्रस्त मिली थी।
इन हालातों में धान की वसूली योग्य मात्रा रीवा संभाग के भंडारण केंद्रों में 24088.24 मीट्रिक टन और जबलपुर संभाग में 44068.29 मीट्रिक टन है। दोनों संभागों से वसूली योग्य कुल मात्रा 68156.53 मीट्रिक टन है।
प्रबंध संचालक द्वारा जारी आदेश में कहा है कि इन हालातों में रीवा संभाग के कंपनी के कैंपों में रखवाई गई धान खराब और क्षतिग्रस्त होने से कंपनी से वसूली योग्य राशि 46.73 करोड़ और जबलपुर संभाग में 85.49 करोड़ है। दोनों ही संभागों में हुए नुकसान के बाद कुल वसूली जाने वाली राशि 132.22 करोड़ रुपए है