सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : डीएमआई भोपाल में तेल-गैस उद्योगों पर राष्ट्रीय प्रशिक्षण शुरू

आपदा प्रबंधन संस्थान (डीएमआई), भोपाल द्वारा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) के सहयोग से 24 एवं 25 सितंबर 2026 को “तेल एवं गैस क्षेत्र के उद्योगों हेतु सुरक्षा, आपातकालीन प्रतिक्रिया एवं आपदा जोखिम प्रबंधन पर क्षमता निर्माण” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य तेल एवं गैस क्षेत्र में रोकथाम, पूर्व तैयारी, आपातकालीन प्रतिक्रिया एवं आपदा जोखिम प्रबंधन के लिए संस्थागत तथा व्यावसायिक क्षमताओं को सुदृढ़ करना है। इसमें जन-धन एवं पर्यावरण के जोखिमों को कम करने हेतु सुरक्षा विनियमों, जोखिम आकलन, आपातकालीन योजनाओं एवं प्रतिक्रिया तंत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रियंका सक्सेना, सहायक निदेशक, डीएमआई के परिचयात्मक उद्बोधन से हुआ। तत्पश्चात डॉ. सुधीर द्विवेदी, संयुक्त निदेशक, डीएमआई ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा प्रतिभागियों को डीएमआई की भूमिका एवं गतिविधियों से अवगत कराया।

संजय शुक्ला, अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग एवं अध्यक्ष, डीएमआई ने मुख्य वक्तव्य दिया। उन्होंने डीएमआई एवं पीएनजीआरबी के सहयोग की सराहना की तथा सुरक्षा एवं आपातकालीन तैयारियों को सुदृढ़ करने के लिए नियामक संस्थाओं, उद्योग, शासकीय विभागों एवं तकनीकी संस्थानों के मध्य समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

आशीष भार्गव, अपर सचिव, गृह विभाग, मध्य प्रदेश शासन एवं कार्यपालक निदेशक, डीएमआई ने उद्घाटन उद्बोधन दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को तकनीकी सत्रों में सक्रिय सहभागिता करने तथा प्राप्त ज्ञान को अपने-अपने संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार के लिए उपयोग करने हेतु प्रेरित किया।

दो दिवसीय कार्यक्रम के प्रमुख वक्ताओं में शशि वर्धन पांडेय, पूर्व महाप्रबंधक, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड; आशीष भूषण, निदेशक (पी एंड ई), तेल उद्योग सुरक्षा निदेशालय; गौरव शर्मा, एजीएम, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड; इंजी. साहिल गोयल, उप निदेशक, कारखाना विभाग, श्रम विभाग, पंजाब शासन; तथा श्री अनुराग पचौरी, वरिष्ठ सलाहकार, महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण शामिल हैं। डीएमआई की ओर से डॉ. सुधीर द्विवेदी, संयुक्त निदेशक; डॉ. असित पात्रा, उप निदेशक; तथा सुश्री प्रियंका सक्सेना, सहायक निदेशक ने भी तकनीकी सत्रों में सहभागिता की।

डॉ. असित पात्रा, उप निदेशक, डीएमआई ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए गणमान्य अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों, डीएमआई के संकाय सदस्यों एवं तकनीकी कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में देशभर से बीपीसीएल, एस्सार ऑयल एंड गैस लिमिटेड, अडानी टोटल एलएनजी लिमिटेड-धामरा एलएनजी, गोदावरी गैस लिमिटेड, गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, एचपीओआईएल गैस प्राइवेट लिमिटेड, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स, थिंक गैस प्राइवेट लिमिटेड, पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड, वडोदरा गैस लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, महानगर गैस लिमिटेड, आईओएल केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स, सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड, कानपुर तथा इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के लगभग 40 प्रतिभागी शामिल हुए।

तकनीकी सत्रों में पीएनजीआरबी नियामक ढांचा, ईआरडीएमपी दिशा-निर्देश, तकनीकी मानक एवं विनिर्देश ऑडिट प्रक्रियाएं, प्रक्रिया सुरक्षा प्रबंधन, ओआईएसडी मानक, खतरा पहचान तकनीकें, हेज़ॉप, एफएमईए, सुरक्षा ऑडिट, परिणाम विश्लेषण, मात्रात्मक जोखिम आकलन एवं आपातकालीन तैयारियों जैसे विषय शामिल हैं।

कार्यक्रम में पेट्रोलियम उत्पादों के सड़क परिवहन हेतु आपातकालीन प्रतिक्रिया एवं आपदा प्रबंधन योजना पर विशेष सत्र भी आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम अनुभव साझा करने, उभरती चुनौतियों को समझने तथा तेल एवं गैस क्षेत्र में सुरक्षा संस्कृति को सुदृढ़ बनाने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। कार्यक्रम का समापन 25 सितंबर 2026 को होगा।


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