सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में डिलीवरी के बाद एक महिला की किडनी अचानक गंभीर रूप से खराब हो गई। उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी और क्रिएटिनिन का स्तर करीब 7.0 mg/dL तक पहुंच गया। प्लेटलेट्स और हीमोग्लोबिन में भी काफी गिरावट आई। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों को इमरजेंसी डायलिसिस करनी पड़ी। जांच के दौरान डॉक्टरों ने कई परीक्षण किए और जेनेटिक टेस्टिंग भी कराई। इसमें महिला में एटिपिकल हेमोलिटिक यूरेमिक सिंड्रोम (aHUS) की पुष्टि हुई। यह एक दुर्लभ बीमारी है, जिसमें छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है और इसका गंभीर असर किडनी पर पड़ सकता है।
बीमारी की पहचान होने के बाद डॉक्टरों ने Eculizumab से लक्षित उपचार शुरू किया। यह दवा C5 प्रोटीन को ब्लॉक करके कंप्लीमेंट सिस्टम की उस गतिविधि को रोकने में मदद करती है, जो रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती है। उपचार के बाद महिला के प्लेटलेट्स और हीमोग्लोबिन में सुधार हुआ और किडनी की कार्यक्षमता भी बेहतर होने लगी। इलाज के बाद महिला का क्रिएटिनिन करीब 1.4 mg/dL तक आ गया और उसे दोबारा डायलिसिस की जरूरत नहीं पड़ी। डॉक्टरों के अनुसार, प्रसव के बाद पेशाब कम होना, अचानक सूजन, अत्यधिक कमजोरी, सांस फूलना या प्लेटलेट्स कम होना जैसे लक्षणों को सामान्य कमजोरी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
Hashtags: #Health #Bhopal #Desksource #एनएन #टवर #आईट #DeskSource #उसक #इमरज #करन