सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : नई दिल्ली। दुनिया की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों में शामिल माइक्रोसॉफ्ट की स्वैच्छिक एग्जिट योजना के बीच एक भारतीय सॉफ्टवेयर डेवलपर का मामला चर्चा में है। कर्मचारी ने दावा किया कि कंपनी में नौकरी शुरू करने के महज तीन महीने बाद ही उसे स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का प्रस्ताव मिल गया। इस ईमेल के बाद कर्मचारी ने रेडिट पर अपनी चिंता साझा करते हुए दूसरे लोगों से सलाह मांगी। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब माइक्रोसॉफ्ट ने भारत समेत चार देशों में पात्र कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक निकास योजना शुरू की है।
रेडिट पर साझा किया अपना अनुभव इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘DevelopersIndia’ सबरेडिट पर ‘clock-maker365’ नाम से पोस्ट करने वाले डेवलपर ने बताया कि उसने माइक्रोसॉफ्ट में तीन महीने पहले ही नौकरी शुरू की थी। कर्मचारी के अनुसार, उसे अभी कंपनी के कोडबेस और कामकाज को समझने में समय लग रहा था। ऐसे में एग्जिट ऑफर मिलने से वह परेशान हो गया।
कर्मचारी ने आशंका जताई कि यदि वह प्रस्ताव स्वीकार नहीं करता, तो भविष्य में उसे छंटनी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, यह उसकी व्यक्तिगत आशंका थी। कंपनी की ओर से इस कर्मचारी को नौकरी से निकालने की कोई पुष्टि नहीं की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, रेडिट पर की गई मूल पोस्ट बाद में हटा दी गई।
60 हजार कर्मचारियों के लिए योजना माइक्रोसॉफ्ट ने भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में पात्र कर्मचारियों के लिए वॉलंटरी एग्जिट ऑफर (VEO) शुरू किया है। रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 60 हजार कर्मचारी इस योजना के दायरे में आ सकते हैं। इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी कर्मचारी कंपनी छोड़ेंगे या सभी को यह प्रस्ताव मिलेगा। यह योजना चुनिंदा संगठनों में माइक्रोसॉफ्ट के आंतरिक ग्रेड लेवल 70 और उससे नीचे के पात्र कर्मचारियों के लिए है। कर्मचारियों को प्रस्ताव स्वीकार करने या नहीं करने का विकल्प दिया गया है। भारत में पात्र कर्मचारियों के लिए निर्णय लेने की अंतिम तारीख 1 दिसंबर बताई गई है।
क्या ऑफर मिलने का मतलब छंटनी तय है? स्वैच्छिक निकास योजना और अनिवार्य छंटनी में अंतर है। इस योजना के तहत पात्र कर्मचारी वित्तीय सहायता और करियर ट्रांजिशन संबंधी मदद के साथ कंपनी छोड़ने का विकल्प चुन सकते हैं। केवल एग्जिट ऑफर मिलने से यह साबित नहीं होता कि कर्मचारी को बाद में नौकरी से निकाल दिया जाएगा। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा है कि योजना अलग-अलग कारोबारी इकाइयों की जरूरतों और प्राथमिकताओं के अनुसार लागू होगी। फिलहाल, कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि भारत में कितने कर्मचारी इस योजना के पात्र हैं और कितने लोग इसे स्वीकार करेंगे।
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