सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : चांद पर 50 किमी लंबी सुरंग के संकेत, बन सकता है प्राकृतिक बंकर

सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस | आईटीडीसी न्यूज़, भोपाल :नई दिल्ली। चांद पर इंसानों के लंबे समय तक रहने के लिए सुरक्षित ठिकाना तलाश रहे वैज्ञानिकों को उसकी सतह के नीचे एक विशाल प्राकृतिक संरचना के संकेत मिले हैं। जापान की अंतरिक्ष एजेंसी JAXA के कागुया (Kaguya) ऑर्बिटर से प्राप्त रडार आंकड़ों के विश्लेषण में चांद के मारियस हिल्स क्षेत्र में लगभग 50 किलोमीटर लंबी लावा ट्यूब होने की संभावना सामने आई है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि यह भूमिगत संरचना अपेक्षित रूप में मौजूद है और स्थिर है, तो भविष्य में चंद्रमा पर मानव अभियानों के लिए प्राकृतिक आश्रय के तौर पर उपयोगी हो सकती है। कैसे मिला सुरंग का संकेत? वर्ष 2009 में जापान के कागुया ऑर्बिटर ने चांद की सतह पर मारियस हिल्स क्षेत्र में एक बड़ा गड्ढा देखा था। इसे ‘मारियस हिल्स होल’ नाम दिया गया। यह गड्ढा लगभग 50 मीटर चौड़ा और 50 मीटर गहरा है। वैज्ञानिकों ने संभावना जताई कि यह किसी विशाल भूमिगत गुफा का खुला प्रवेश द्वार हो सकता है।

इसके बाद शोधकर्ताओं ने ऑर्बिटर पर लगे लूनर रडार साउंडर से मिले आंकड़ों का अध्ययन किया। रडार संकेतों में ऐसे पैटर्न मिले, जो सतह के नीचे खाली जगह होने की संभावना से मेल खाते हैं। आसपास के गुरुत्वाकर्षण संबंधी आंकड़ों ने भी इस अनुमान को समर्थन दिया। वर्ष 2017 में इस शोध के निष्कर्ष वैज्ञानिक जर्नल Geophysical Research Letters में प्रकाशित हुए थे। अरबों साल पहले बनी होगी लावा ट्यूब वैज्ञानिकों के अनुसार, चांद पर प्राचीन ज्वालामुखीय गतिविधियों के दौरान बहते लावा से ऐसी सुरंगें बन सकती थीं। जब लावा की ऊपरी परत ठंडी होकर जम गई और भीतर का गर्म लावा आगे बह गया, तो उसके पीछे लंबी खोखली संरचना रह गई। इन्हें लावा ट्यूब कहा जाता है।

मारियस हिल्स क्षेत्र में मिली संरचना को इसी तरह की संभावित भूमिगत गुफा माना जा रहा है। इसके भीतर की वास्तविक स्थिति, आकार और छत की मजबूती जानने के लिए आगे की जांच जरूरी है। अंतरिक्ष यात्रियों के लिए क्यों अहम है यह खोज? चांद की सतह पर अंतरिक्ष से आने वाला विकिरण, सूक्ष्म उल्कापिंडों के टकराने और दिन-रात के बीच तापमान में भारी बदलाव जैसी चुनौतियां हैं। जमीन के नीचे स्थित प्राकृतिक सुरंग इन जोखिमों से कुछ हद तक सुरक्षा दे सकती है। इसकी दीवारें और छत भविष्य में उपकरणों तथा संभावित आवासों को बाहरी वातावरण से बचाने में मदद कर सकती हैं। हालांकि, इस सुरंग में पानी या बर्फ मौजूद होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह, यह भी साबित नहीं हुआ है कि वहां इंसानों के रहने के लिए पर्याप्त सुरक्षित जगह उपलब्ध है।

NASA भी करेगा आगे की जांच अक्टूबर 2026 में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, NASA ने मारियस हिल्स क्षेत्र में संभावित भूमिगत गुफा की पुष्टि के लिए GIMLI नामक वैज्ञानिक उपकरणों के विकास को आगे बढ़ाया है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, 2031 में भेजे जाने वाले रोवर के जरिए रडार, गुरुत्वमापी और भूकंपीय उपकरणों से क्षेत्र का अध्ययन किया जा सकता है। इस अभियान का उद्देश्य भूमिगत खाली जगह की मौजूदगी, उसके आयाम और छत की स्थिरता का पता लगाना है। निष्कर्ष: चांद पर 50 किलोमीटर लंबी भूमिगत लावा ट्यूब के संकेत अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण हैं। लेकिन इसे तैयार प्राकृतिक बंकर या मानव बस्ती के लिए सुरक्षित स्थान कहना अभी जल्दबाजी होगी। प्रत्यक्ष जांच के बाद ही वैज्ञानिक तय कर सकेंगे कि यह संरचना भविष्य के चंद्र अभियानों में कितनी उपयोगी साबित हो सकती है।


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