ITDC India e-Press / Agencies

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का 22 साल पुराना स्विफ्ट अंतरिक्ष टेलीस्कोप आखिरकार धरती के वायुमंडल में प्रवेश कर जलकर नष्ट हो गया। 4 नवंबर 2026 को यह उपग्रह इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा क्षेत्र के ऊपर वायुमंडल में दाखिल हुआ। इसके साथ ही ब्रह्मांड की सबसे शक्तिशाली घटनाओं का अध्ययन करने वाले इस ऐतिहासिक मिशन का अंत हो गया। अमेरिकी स्पेस फोर्स के अनुसार, स्विफ्ट ने भारतीय समयानुसार बुधवार शाम करीब 6 बजकर 9 मिनट पर पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया।

करीब 1,452 किलोग्राम वजनी इस टेलीस्कोप ने नवंबर 2004 में अंतरिक्ष की यात्रा शुरू की थी। इसे शुरुआत में केवल दो साल के मिशन के लिए तैयार किया गया था, लेकिन इसने दो दशकों से अधिक समय तक काम किया। इसका मुख्य उद्देश्य ब्रह्मांड में होने वाले गामा-रे विस्फोटों का पता लगाना और उनका अध्ययन करना था। ये विस्फोट ब्रह्मांड की सबसे शक्तिशाली ऊर्जा घटनाओं में शामिल हैं।

अपने लंबे कार्यकाल के दौरान स्विफ्ट ने सुपरनोवा, ब्लैक होल, तारों में होने वाली एक्स-रे गतिविधियों, धूमकेतुओं और क्षुद्रग्रहों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं। इसके वैज्ञानिक आंकड़ों और खोजों का योगदान करीब 7,000 शोधपत्रों में रहा।

नासा ने पहले ही अनुमान जताया था कि वायुमंडल में प्रवेश के दौरान टेलीस्कोप का अधिकांश हिस्सा जल जाएगा, हालांकि कुछ छोटे और मजबूत हिस्से धरती तक पहुंच सकते हैं। लोगों को नुकसान पहुंचने की आशंका करीब 2,100 में एक बताई गई थी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी नुकसान या चोट की सूचना नहीं मिली।

इससे पहले नासा ने निजी कंपनी कैटलिस्ट स्पेस की मदद से स्विफ्ट को ऊंची कक्षा में पहुंचाकर बचाने की कोशिश की थी, लेकिन जुलाई में भेजा गया बचाव यान अपना मिशन पूरा नहीं कर सका।


Hashtags: #ScienceTechnology #Bhopal #साल #बाद #धरती #गिरा #नासा #स्विफ्ट #टेलीस्कोप #22सालबादधरती