भारत 2028 तक समुद्र में 6000 मीटर गहराई तक भेजेगा मानव मिशन
सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ / एजेंसियां, भोपाल:
भारत समुद्र की गहराइयों में मानव अभियान भेजने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि भारत का पहला मानवयुक्त डीप-सी मिशन वर्ष 2028 तक समुद्र में 6,000 मीटर की गहराई तक पहुंचने का लक्ष्य रखता है। इस अभियान के तहत स्वदेशी तकनीक से तैयार किए जा रहे सबमर्सिबल के जरिए वैज्ञानिक समुद्र की गहराइयों का अध्ययन करेंगे।
नई दिल्ली में आयोजित इंडो-पैसिफिक रीजनल डायलॉग 2026 को संबोधित करते हुए मंत्री ने बताया कि समुद्रयान मिशन के तहत विकसित किया जा रहा मत्स्य सबमर्सिबल तीन एक्वानॉट्स यानी समुद्र के भीतर जाने वाले प्रशिक्षित विशेषज्ञों को एक साथ ले जाने में सक्षम होगा। इसे 5,000 से 6,000 मीटर की गहराई तक पहुंचने के लिए डिजाइन किया गया है।
चेन्नई स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशन टेक्नोलॉजी ने मध्य हिंद महासागर बेसिन में इतनी गहराई पर परीक्षण करने की क्षमता विकसित की है। इसके अलावा, ओशन मिनरल एक्सप्लोरर के माध्यम से समुद्र तल पर मौजूद हाइड्रोथर्मल सल्फाइड जैसे खनिज भंडारों का उच्च स्तर पर अध्ययन किया जा रहा है।
यह अभियान भारत सरकार के डीप ओशन मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके तहत समुद्र के भीतर मौजूद खनिज संसाधनों, जैव विविधता और अन्य प्राकृतिक संपदाओं की खोज की जाएगी। इससे भविष्य में भारत की ब्लू इकोनॉमी को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मंत्री ने गगनयान मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अंतरिक्ष और समुद्र की गहराइयों में मानव अभियान की दिशा में एक साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने समुद्री अनुसंधान में अंतरराष्ट्रीय सहयोग, स्वदेशी तकनीक और वैज्ञानिक संस्थानों की साझेदारी को भी महत्वपूर्ण बताया।
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